सिटी में अलग-अलग माल्स का हाल बेहाल है। चंडीगढ़ में सेंट्रा माल, डीटी माल, सिटी इंपोरियम, फन रिपब्लिक के संग पिकाडिली माल हैं। इसमें से ज्यादातर माल्स खाली पड़े हैं।
ऐसा नहीं है कि किराए के कारण कोई यहां नहीं आना चाहता है या लोकेशन पसंद नहीं। बात यह है कि पब्लिक अब इन माल में जाने से गुरेज कर रही है। सिटी के इन माल्स में रोजाना लाखों रुपये का खर्च है और कमाई कम।
चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित उप्पल ग्रुप के सेंट्रा माल का हाल भी ठीक नहीं। यहां पहले ह्यूज, रीबाक जैसे नामी ब्रांड थे। अब ज्यादातर यहां से चले गए। यहां 54 आउटलेट हैं इनमें से पचास फीसदी को कंपनी ने इनवेस्टर्स को दिया है।
उप्पल ग्रुप के एक प्रतिनिधि के अनुसार यहां हमेशा ऐसा नहीं था। माल खुला तो यहां नामी ब्रांड मौजूद थे पर यह ब्रांड धीरे-धीरे चले गए। अब माल पीवीआर सिनेमा के भरोसे चल रहा है। सिटी इंपोरियम को अभी एक साल हुआ है पर इस माल में किसी ब्रांड की इंट्री नहीं हुई।
एक केयर टेकर ने कहा कि यहां करीब 70 आउटलेट हैं जिनके रेट्स 70 रुपये प्रति स्क्वायर फुट से लेकर 120 रुपये प्रति स्क्वायर फुट तक हैं। केयर टेकर के अनुसार माल में सिक्योरिटी के लिए पंद्रह कर्मचारी हैं और बिजली का बिल अलग से।
दो माह में करीब डेढ़ लाख का बिजली का बिल आता है और अन्य खर्च अलग से। पिकाडली माल का हाल भी कुछ ऐसा ही है। यहां कुछ कम ही शो रूम खुले हैं। डीटी माल और फन की स्थिति थोड़ी ठीक है।
चंडीगढ़ में एलांते माल के खुलने के बाद सिटी के माल्स की स्थिति ऐसी हो गई है। छोटे छोटे माल्स में काम करने वाली नामी कंपनियां माल को छोड़कर एलांते माल की ओर चली गईं। इसके बाद ही स्थिति बिगड़ गई।
फिल्म नहीं चलती है
चंडीगढ़ के कुछ माल्स में दर्शकों की गैरमौजूदगी की वजह से कई बार शो तक कैंसल कर दिया जाता है। चंडीगढ़ में आडी चलाने वाले ने बताया कि दर्शक रात के शो में अक्सर नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति में शो कैंसल करना पड़ता है।
यह है नई योजना
चंडीगढ़ के माल्स में नई योजना यह बनाई जा रही है कि कंपनियों को यह आउटलेट आफिस खोलने के लिए दिए जाएंगे। जिससे कि माल्स में चहल पहल तो शुरू हो सके।