कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
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टीकाकरण अभियान के अंतर्गत चंडीगढ़ में लक्षित आबादी को पहली खुराक लगाने का लक्ष्य 15 अगस्त को भी पूरा कर लिया है। उसके बावजूद यहां अभियान में किसी तरह की कमी नजर नहीं आ रही है। सभी टीकाकरण केंद्र पर अन्य प्रदेशों से आने वाले लाभार्थियों को भी टीके की पहली व दूसरी खुराक लगाने का क्रम जारी है।
अब तक चंडीगढ़ 920412 को पहली व 61.09 प्रतिशत यानि 514967 को दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। 16 जनवरी से शुरू हुआ कोरोना टीकाकरण अभियान में अब तक यहां किसी बड़ी दुर्घटना की रिपोर्ट नहीं हुई है। टीकाकरण अधिकारी डॉ. मंजीत त्रेहान ने बताया कि नौ लाख से ज्यादा लाभार्थियों में से महज तीन ने टीका लगवाने के बाद परेशानी की शिकायत की है। उनमें से एक को डायरिया व बुखार, दूसरे को उच्च रक्तचाप और तीसरे को कम प्लेटलेट्स संबंधी समस्या थी।
कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार उन तीनों को पहले से इससे जुड़ी समस्या थी। टीका लगवाने से उनमें किसी प्रकार के दुष्प्रभाव की पुष्टि नहीं हो पाई है। कोरोना टीकाकरण अभियान में चंडीगढ़ को उत्कृष्ट प्रदर्शन की श्रेणी में रखा गया है। इससे अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग का उत्साह और ज्यादा बढ़ गया है।
चंडीगढ़ को यह श्रेणी टीकाकरण, उससे होने वाले दुष्प्रभाव व उससे बचाव के बेहतर प्रबंधन के लिए दी गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने चंडीगढ़ के साथ असम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को इस श्रेणी में रखा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह सफलता बेहतर कार्य योजना और उसके क्रियान्वयन ने दिलाई है।
मिल रहा भरपूर सहयोग
कोरोना टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग को हर स्तर पर सहयोग मिल रहा है। इसमें धार्मिक समुदाय, संस्थाएं, क्षेत्रीय पार्षद और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी आगे आकर अपने क्षेत्र में टीकाकरण शिविर आयोजित करवा रहे हैं। उनका मानना है कि संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे पहले जरूरी है। उनकी यह सोच अभियान को सफल बनाने में सहायक साबित हो रही है। टीकाकरण महा अभियान में देश के तीन शीर्ष प्रदेशों में चंडीगढ़ का शामिल होना, इस बात को साबित करता है कि कार्ययोजना से लेकर उसके क्रियान्वयन तक में हर स्तर पर बेहतर समावेश किया गया है। यह वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर इससे जुड़े हर कर्मचारी के मेहनत का फल है।
-डॉ. मंजीत त्रेहान, टीकाकरण अधिकारी।