निगम व स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी करते हुए प्रशासन ने अभियान चलाने को कहा है। इसके अलावा फॉगिंग, लापरवाहों को नोटिस जारी करने व लोगों को जागरूक करने को भी कहा गया है। निगम को इस अभियान के लिए पांच सफाई निरीक्षक, 50 बेलदार, 1 गाड़ी, 4 फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराने को कहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह को हॉटस्पॉट चिन्हित करने को कहा गया है।
प्लेटलेट्स देने से नहीं आती कमजोरी
पीजीआई ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के प्रमुख प्रो. रतिराम शर्मा ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में प्लेटलेट्स की मांग 20 से 25 फीसदी बढ़ी है। प्लेटलेट्स देने से कमजोरी नहीं आती। महीने में दो बार और साल में 24 बार दिया जा सकता है। प्लेटलेट्स देने वाले से मशीन के जरिये खून से केवल प्लेटलेट्स लिया जाता है।
डोनर के लिए बने अलग व्यवस्था
श्री शिव कावंड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश कुमार संगर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को प्लेट्लेटस डोनरों के लिए अस्पताल में अलग व्यवस्था करनी चाहिए। क्योंकि स्वैच्छिक दाता को प्लेटलेट्स देने के लिए पांच से सात घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
छोटे डिब्बों व ऐसे स्थानों से पानी निकाले जहां हमेशा पानी भरा रहता हो, फुल बाजू वाले कपड़े पहने, मच्छरदानी का प्रयोग करें, पानी एकत्र करने से बचे, एकत्र किये गये पानी को खुला न छोड़े, किटनाशन का प्रयोग करें।
ऐसे फैलता है डेंगू
डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू ग्रस्त मरीज को काटने के बाद स्वस्थ व्यक्ति को काटने से संक्रमण फैलता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है और साफ जगहों पर रहता है।
अस्पताल भर्ती मरीज
- पीजीआई- 143
- जीएमएसएच 16- 120 मरीज
- जीएमसीएच 32- 142
सितंबर से अब तक इतने मिले डेंगू ग्रस्त
- पीजीआई- 480
- जीएमसीएच 32 - 400
- जीएमएसएच 16- 190
कोविड की चरम स्थिति में काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हर संभव प्रयास किया। अब डेंगू में भी स्थिति नियंत्रित करने पर फोकस किया जा रहा है। डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य।