विशेषज्ञों के अनुसार कंकरीट की इमारत में आग से सरिया पिघलने से पूरा ढांचा खड़ा नहीं रह सका और ढेर हो गया। आयरन का मेल्टिंग प्वाइंट 1538 डिग्री सेल्सियस है।
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आग की वजह से इमारत फायरकेज बन गई और तापमान डेढ़ हजार डिग्री से ऊपर चला गया होगा।
गिरने से पहले हुए धमाके
इमारत में आग के दौरान धमाके भी हुए। गिरने से पहले भी एक जोरदार धमाका हुआ था। अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये धमाके एसी प्लांट या सिलेंडर से हो सकते हैं।
गर्म हवा के कारण बन गया था दबाव
आग से अंदर की हवा गरम हो रही थी। ऊपर से पानी की बौछारें थीं, इससे भी स्टीम बनी होगी। हालांकि धुएं के साथ यह प्रेशर रीलिज हो रहा था मगर दहकती इमारत में अंदर का दबाव लगातार पिलर और बीम्स पर बढ़ता गया।