चंडीगढ़ में लगातार जागरूकता अभियान और कई प्रयोगों के बावजूद यूटी प्रशासन अभी तक 71 फीसदी पात्र लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक ही दे पाया है। अब प्रशासन ने लक्ष्य तय किया है कि 15 अगस्त से पहले 100 फीसदी पात्र लोगों को वैक्सीन की एक डोज लगाई जाए। इसके लिए प्रशासन अब एक ऐसी योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत सिर्फ उन्हीं लोगों के पब्लिक डीलिंग दफ्तरों में काम होंगे, जिन्होंने वैक्सीन की एक खुराक लगवाई होगी।
यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि शहर में मुफ्त टीकाकरण के कई शिविर, मोबाइल वैन आदि चल रहे हैं। लोगों को विभिन्न तरह से जागरूक किया जा रहा है, ताकि वह वैक्सीन लगवाएं लेकिन अब भी बहुत से लोग जानबूझ कर वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं, इसलिए एक ऐसी योजना पर अधिकारियों के साथ चर्चा चल रही है कि जितने भी पब्लिक डीलिंग दफ्तर हैं, वहां पर जाने वाले लोगों के लिए वैक्सीन की एक खुराक अनिवार्य हो।
सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि आरएलए में रोजाना लोग ड्राइविंग लाइसेंस व आरसी बनवाने के लिए जाते हैं। ऐसे में सिर्फ उन्हीं लोगों को इजाजत दी जाएगी, जिन्होंने वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगवाई होगी। अगर टीका नहीं लगवाया तो न आरसी बनेगी, न ही लाइसेंस। इसके अलावा एस्टेट ऑफिस में भी सिर्फ उन्हीं लोगों को इजाजत दी जाएगी, जिन्होंने कम से कम वैक्सीन की एक डोज लगवाई हो। अन्य विभागों में भी किसी काम के लिए जाने वाले लोगों से कर्मचारी पहले पूछेंगे कि क्या उन्होंने वैक्सीन लगवाई है? अगर लगवाई होगी, तभी उनके काम होंगे।
सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि इस योजना पर अभी चर्चा चल रही है। आखिरी फैसला लेना अभी बाकी है। गौरतलब है कि प्रशासन अगर ये नियम शहर में लागू करता है तो वैक्सीन लगवाने के लिए नियम बनाने वाला चंडीगढ़, देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा।
तीसरी लहर से पहले 100 फीसदी जनता को टीका लगाने का प्रयास
देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि तीसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है। तीसरी लहर कब आएगी, इसे लेकर सवाल अब भी बना हुआ है। इस बारे में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। इसलिए यूटी प्रशासन की कोशिश है कि तीसरी लहर जब भी आए, उससे पहले 18 वर्ष से ऊपर की 100 फीसदी आबादी को वैक्सीन की पहली खुराक लगा दी जाए। केंद्र ने भी चंडीगढ़ को तीसरी लहर के लिए सावधान रहने केनिर्देश दिए हैं और पांच सूत्री मंत्र दिया है। केंद्रीय गृह सचिव ने जांच-निगरानी-उपचार-टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार की पांच स्तरीय रणनीति का पालन किए जाने पर जोर दिया है। हालात की सख्ती से निगरानी और कहीं भी प्रकोप बढ़ने के शुरुआती संकेत नजर आने पर समय से रोकथाम के उपाय करने की सलाह दी गई है।