चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई, जिसमें शहर में भीख मांगने वाले बच्चों पर चिंता व्यक्त की गई। शहर में बच्चों के द्वारा भीख मांगने बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। बैठक में इस प्रवृत्ति को किस प्रकार से रोका जाए, इस पर अफसरों से कारगर कदम उठाने की बात कही गई।
मीटिंग में तय हुआ कि भिक्षावृत्ति का रैकेट चलाने वालों को चिह्नित कर उन्हें जेल भेजा जाए। शहर में बाल भिखारी एक प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा है। शहर के मार्केट और चौक पर हजारों की संख्या में बच्चे भीख मांगते हुए दिखाई देते हैं। इसलिए बच्चों का भविष्य खतरे में है।
इसे लेकर डीसी कार्यालय में मीटिंग हुई, जिसमें बच्चे को भीख मांगने और शहर से भीख मंगवाने की प्रथा को पूरी तरह से खत्म करने पर गहन मंत्रणा हुई। डीसी ने सभी अधिकारियों को उन स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया है, जहां पर भीख मांगने वाले बच्चे अधिक दिखाई देते हैं।
डीसी ने बताया कि एक विशेष शिक्षा अभियान 15 अगस्त तक चलाया जाएगा, जिसमें एसडीएम सहित टीम के सदस्य यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी माता-पिता अपने बच्चाें को भीख मांगने के लिए प्रेरित नहीं करे। इसके साथ ही बाल भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने वालेरैकेटों को चलाने में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर सेंट्रल एसडीएम नाजुक कुमार, एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद, एसडीएम ईस्ट सुधांशु गौतम और निदेशक समाज कल्याण नवजोत कौर उपस्थित रहे।