जो बसें चंडीगढ़ को मिलनी थीं, वह किसी और राज्य को यूटी के कोटे में दे दी गई हैं। इससे यूटी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की बेहतरीन ट्रांसपोर्ट मुहिम को झटका लगा है। अब ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी मामले को दोबारा यूटी के प्रशासक के दरबार में ले गए हैं।
ताकि जल्द मिल सकें इलेक्ट्रिक बसें
विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से सिफारिश की है कि वह केंद्र सरकार को 20 इलेक्ट्रिक बसें भेजने की सिफारिश करें। यदि इतनी बसें अभी नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं तो कम से कम 10 बसें जरूर दिला दी जाएं। बताया जाता है कि प्रशासक इस मसले पर दोबारा केंद्र सरकार से बात कर रहे हैं ताकि जल्द यूटी को यह बसें मिल सकें।
फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर दिया जा रहा जोर
यूटी ट्रांसपोर्ट विभाग इस समय ग्रिड सिस्टम के तहत काम कर रहा है। यही वजह है कि बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर विशेष तौर पर काम किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के सचिव अजय कुमार सिंगला का कहना है कि केंद्र से इलेक्ट्रिक बसें मांगी गई थीं, लेकिन फिलहाल किसी कारण वश बसें नहीं मिल पा रहीं।