फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab News: केंद्र पंजाब के किसानों का खरीदेगा गेहूं, मगर ज्यादा खराब फसल का कटेगा पैसा

Tue, 11 Apr 2023 01:46 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

बारिश के बाद पंजाब सरकार ने अपने स्तर पर स्पेशल गिरदावरी शुरू की थी। पहली बार मंत्री, विधायक व अफसर सीधे खेतों में गए थे। इसमें सामने आया था कि फसल को काफी नुकसान हुआ है। दाना काला पड़ गया है। ऐसे में खरीद प्रभावित होगी, किसानों को नुकसान होगा।
विज्ञापन
गेहूं खरीद - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने फसल खरीद के निर्धारित गुणवत्ता मापदंड में ढील देते हुए पंजाब में गेहूं खरीद की अनुमति दे दी है। हालांकि केंद्र ने बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के कारण सूबे में खराब हुई गेहूं की फसल को एमएसपी में कटौती के साथ खरीदने का फैसला लिया है। ऐसे में प्रभावित किसानों को केवल इतनी राहत मिलेगी कि उनकी सारी फसल सरकार खरीदेगी लेकिन खराब फसल के लिए उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पैसा मिलेगा।

विज्ञापन


वहीं, केंद्र ने गेहूं के सूखे व टूटे दानों के लिए अब तक दी जा रही 6 फीसदी की छूट को बढाकर 18 फीसदी कर दिया गया है, जिसके लिए प्रत्येक 2 फीसदी अतिरिक्त छूट पर, अब तक लागू कटौती की रकम का एक चौथाई हिस्सा ही इस बार काटा जाएगा। केंद्र की ओर से पंजाब सरकार को भेजे पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार उक्त कटौती की रकम गेहूं के एमएसपी से काटे। यानी गेहूं पर 2125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को भुगतान करते समय उक्त कटौती की रकम को काट लिया जाए। इस तरह सूखे व टूटे दानों के लिए इस बार गेहूं की एमएसपी पर 5.31 रुपये से 31.87 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती की जाएगी। 

पंजाब में गत 23 मार्च से बेमौसमी बारिश शुरू हुई थी। उससे गेहूं की खराब हुई फसल का अनुमान लगाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष गिरदावरी के आदेश दिए। इसके साथ ही सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर नुकसान के आंकलन के लिए टीमें भेजने की मांग की। केंद्र से पंजाब पहुंची टीमों 12 जिलों का दौरा किया और इस दौरान जिन क्षेत्रों में फसल मंडियों में नहीं पहुंची थी, वहां टीमें खेतों में गई। इन टीमों ने कुल 165 सैंपल लिए और उनके आधार पर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को दी। इसी रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार ने उपरोक्त राहत का एलान किया है।

विज्ञापन

केंद्र के फैसले से पंजाब को लगा झटका
केंद्र के इस फैसले से पंजाब सरकार को झटका लगा है। राज्य सरकार ने केंद्र से गुहार लगाई थी कि बिना किसी मूल्य कटौती के गेहूं खरीद के नियमों में ढील दी जाए। जाहिर है कि पंजाब में बेमौसमी बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल के लिए सबसे मुख्य समस्या यह रही है कि गेहूं के दाने भीगकर अपनी चमक गंवा चुके हैं। गेहूं के दानों में नमी भरी है और पानी में डूबी फसल का दाना काला पड़ चुका है। इन परिस्थितियों में भी केंद्र ने सारा गेहूं खरीदने का तो एलान किया लेकिन खराब हुए प्रत्येक दाने का पैसा काटा जाएगा।

पंजाब की मंडियों में पहुंचा 8152 टन गेहूं
पंजाब की मंडियों में सोमवार तक 8152 टन गेहूं पहुंच चुका था, जिसमें से केवल 18 फीसदी फसल की ही खरीद हो सकी है। किसान और सरकार केंद्र से खराब फसल पर मिलने वाली राहत के इंतजार में भी खरीद कार्य में ढिलाई बरत रहे थे। राज्य भर में जारी विशेष गिरदावरी के अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस बार खराब मौसम के कारण 14.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। ज्यादातर खेतों में फसलें बिछ गई हैं और जिन खेतों में अब तक पानी जमा है, वहां गेहूं के दाने काले पड़ गए हैं जबकि कई जगह भीग चुकी फसल को धूप लगने के बाद गेहूं के दाने सफेद हो गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, गेहूं के दाने इस बार 35-80 फीसदी तक चमक खो चुके हैं।
विज्ञापन

केंद्र के नए फैसले के तहत इतनी होगी कटौती

  • गेहूं की चमक 10 फीसदी कम रहने पर कोई कटौती नहीं
  • चमक 10-80 फीसदी तक कम रहने पर 5.31 रुपये प्रति क्विंटल कटौती
  • सूखे व टूटे दानों 6 फीसदी तक रहने पर कोई कटौती नहीं
  • 6-8 फीसदी टूटे व सूखे दानों पर 5.31 रुपये प्रति क्विंटल कटौती
  • 8-10 फीसदी टूटे व सूखे दानों पर 10.62 रुपये प्रति क्विंटल कटौती
  • 10-12 फीसदी टूटे व सूखे दानों पर 15.93 रुपये प्रति क्विंटल कटौती
  • 12-14 फीसदी टूटे व सूखे दानों पर 21.25 रुपये प्रति क्विंटल कटौती
  • 14-16 फीसदी टूटे व सूखे दानों पर 26.56 रुपये प्रति क्विंटल कटौती
  • 16-18 फीसदी टूटे व सूखे दानों पर 31.87 रुपये प्रति क्विंटल कटौती
भंडारण में खराब हुई फसल की जिम्मेदारी राज्य की
केंद्र सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि खरीदे जाने वाले खराब गेहूं की फसल को अलग से स्टोर किया जाए और भंडारण के दौरान इस तरह की फसल की गुणवत्ता में और कोई गिरावट हुई तो उसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। खराब और मामूली खराब फसल 6 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें