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Chandigarh News: पार्किंग घोटाले पर सदन में जमकर हंगामा, पार्षदों ने दागे सवाल, सीबीआई जांच की मांग

Tue, 11 Apr 2023 11:37 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मेयर ने कुछ दिन पहले आदेश निकाला था कि किसी भी उद्घाटन से पहले उन्हें जानकारी देनी होगी। इस आदेश के विरोध में आम आदमी पार्टी के पार्षद सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही धरने पर बैठ गए थे।
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निगम सदन की बैठक में आप और भाजपा पार्षदों में बहस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ नगर निगम सदन की 322वीं बैठक पार्किंग घोटाले की भेंट चढ़ गई। मंगलवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा तीनों पार्टियों के पार्षदों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए निगम के अधिकारियों पर सवाल पर सवाल दागे लेकिन ज्यादातर के जवाब नहीं मिले। इस दौरान पार्किंग घोटाले की जांच की विभागीय रिपोर्ट भी सदन में पेश नहीं की गई।

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सबसे पहले कांग्रेस के गुरप्रीत गाबी ने कहा कि आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने जिन कर्मचारियों को चार्जशीट किया है, उनमें से कई तो कुछ महीने पहले ही निगम में आए हैं। उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है। मुख्य आरोपी अनिल शर्मा नगर निगम के सभी अधिकारियों और मेयर के साथ बैठकें करता रहा। पार्किंग कमेटी और घोटाले के दौरान तैनात संयुक्त आयुक्तों के खिलाफ जांच क्यों नहीं शुरू की गई। 

गाबी ने कहा कि सीबीआई ने अब तक केस दर्ज नहीं किया है, सिर्फ दस्तावेज लेकर गई है। कहीं ऐसा न हो कि दस्तावेज वहीं दब जाएं। गाबी ने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने दिल्ली की एक कंपनी को लाकर चंडीगढ़ में बिठा दिया, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने कुछ अधिकारियों की तरफ इशारा किया कि एक-दो लोग ही हैं, जो पिछली पार्किंग कंपनी और पाश्चात्य को लाने के लिए जिम्मेदार हैं। इसके अलावा भाजपा के पार्षद कनवरजीत राणा व सौरव जोशी व आम आदमी पार्टी के पार्षद दमनप्रीत सिंह व जसबीर सिंह ने भी कई सवाल दागे।
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इस मामले में आयुक्त अनिंदिता मित्रा ने कहा कि पार्षदों की कमेटी ने ही पाश्चात्य कंपनी को दिए गए टेंडर के नियम व शर्तें तय की थीं। कमेटी तत्कालीन मेयर ने बनाई थी। जांच चल रही है। अगर किसी अधिकारी की मंशा गलत पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। चाहें उसमें वह खुद क्यों न हों। कंपनी को कितना समय दिया गया, कितनी सुनवाई हुई। ये सब कुछ रिकॉर्ड में है। क्या यह किसी को फायदा देने के लिए किया गया, यह भी जांच में पता चल जाएगा। जो चार्जशीट किए गए हैं, वह स्टांप ड्यूटी मामला है। एग्रीमेंट पर जिसके-जिसके साइन थे, उनके खिलाफ चार्जशीट की गई है कि उन्होंने उस समय क्यों नहीं देखा।

मामले की निष्पक्ष जांच हो रही: मेयर
मेयर अनुप गुप्ता ने कहा कि इस मामले सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। निष्पक्ष जांच हो रही है और आगे भी होगी। मेयर ने आरोपी अनिल गुप्ता से बैठक करने के आप पार्षदों के सवाल के जवाब में कहा कि 24 जनवरी को ठेका रद्द हो गया था। मुझसे सभी मिलने आते हैं। एक व्यक्ति आया और उसने कहा कि वह पार्किंग चला रहा है। अगर वह पैसे जमा करा देगा तो क्या उसे एक्सटेंशन मिल जाएगी। मैंने कहा कि पैसे जमा करा दो। उसने कहा कि उसे कुछ पैसों के कैल्कुलेशन को लेकर सवाल है। उसे चीफ अकाउंट ऑफिसर के साथ बिठाया लेकिन पैसे नहीं जमा कराए तो 30 को उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उसे बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में जिसका-जिसका नाम आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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