कोरोना के संक्रमण के बीच राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण के लिए चंडीगढ़ के सरकारी और निजी अस्पतालों के फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स का डाटा मांगा है। इसके अंतर्गत जीएमएसएच-16 ने प्रथम चरण में एक हजार फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का रिकॉर्ड केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। इसी क्रम में जीएमसीएच-32 और पीजीआई से भी डाटा अपलोड किया जाएगा।
जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की संभावित वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों के नामों की लिस्ट मांगी है। जानकारी के मुताबिक, वैक्सीन आने के बाद सबसे पहले फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगले साल जुलाई महीने तक 20 से 25 करोड़ लोगों के टीकाकरण का खाका तैयार किया है। जिन फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों को पहले वैक्सीन दी जानी है, उनमें सरकारी और निजी डॉक्टरों के साथ ही नर्स और आशा कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इसके अलावा मेडिकल ऑफिसर्स, एलोपैथिक डॉक्टर्स, टीचिंग और नॉन टीचिंग डॉक्टर्स, आयुष डॉक्टर्स भी शामिल होंगे।
पोर्टल पर अपलोड की जा रही डिटेल
फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों की लिस्ट में प्राइवेट और सरकारी दोनों अस्पतालों के कर्मचारियों का नाम शामिल होगा। इस लिस्ट को Electronic Vaccine Intelligence Network (E-VIN) पर तैयार किया जा रहा है। इसे सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल COVID Vaccine Beneficiary Management System पर अपलोड किया जा रहा है।
जीएमएसएच-16 से भेजी गई लिस्ट
- 250 डॉक्टर
- 500 नर्सिंग स्टाफ
- 50 टेक्निकल स्टाफ
- 200 सफाई कर्मचारी व अन्य