विधायक बनने के बाद एक रुपये वेतन लेने का दावा करने वाले आप के विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा बैंक कर्ज घोटाले में फंस गए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने 40 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में शनिवार को विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा के मालेरकोटला स्थित पैतृक घर सहित तीन स्थानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई बैंक आफ बड़ौदा की शिकायत पर हुई है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने छापों के दौरान 94 खाली चेक जब्त की हैं। इन पर अलग अलग लोगों के दस्तखत थे और आधार कार्ड भी संलग्न थे। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया कि अधिकारियों ने 16.57 लाख रुपये की नकदी जब्त की है। इसके आवा 88 विदेशी मुद्रा के नोट, कुछ संपत्तियों के कागज, कई बैंक खाते और अन्य दस्तावेज भी जब्त किया है। सीबीआई ने आप विधायक के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया की लुधियाना शाखा की शिकायत पर मलेरकोटला के गौंसपुरा स्थित तारा कॉरपोरेशन लिमिटेड व अन्य पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
विधायक थे कंपनी के निदेशक व गारंटर
सीबीआई के मुताबिक अमरगढ़ से आप विधायक सिंह इस कंपनी में निदेशक और गारंटर था। उसके भाई बलवंत सिंह और कुलवंत व भतीजा तेजिंदर सभी कंपनी के निदेशक और गारंटर हैं। सभी के खिलाफ मामला भी दर्ज है। एफआईआर में तारा हेल्थ फूड्स लिमिटेड नाम की एक अन्य कंपनी का भी नाम है।
यह है आरोप
आरोप है कि यह कंपनी डीओसी राइस ब्रान, डीओसी मस्टर्ड केक, कॉटनसीड केक, मक्का, बाजरा और अन्य खाद्यान्न का कारोबार करती थी। 2011-2014 के बीच चार बार इस कंपनी को बैक से कर्ज दिया गया। बाद में कंपनी के निदेशकों ने फर्जी स्टॉक और बही खातों में हेरफेर कर बैंक को 40.92 करोड़ रुपये का चूना लगाया। बैंक ने 31 मार्च 2014 को इस कर्ज को एनपीए घोषित कर दिया। सीबीआई का दावा है कि कर्ज की रकम का इस्तेमाल उस काम के लिए नहीं किया गया जिसके लिए उसे लिया गया था।
एक रुपया वेतन लेने की घोषणा की थी
आप विधायक जसवंत सिंह उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने कहा था कि वे विधायक के रूप में मिलने वाली तनख्वाह का सिर्फ एक रुपया लेंगे। इस संबंध में उन्होंने एक शपथ पत्र भी दिया था।