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सीबीआई जज के फोन पर नहीं आई एंबुलेंस, ऑपरेटर ने दिया बेतुका जवाब

Tue, 06 Sep 2016 10:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
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Panchkula Senior Judge Jagdeep Lohan - फोटो : अमर उजाला
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जब एक सीनीयर सीबीआई जज ने एंबुलेंस के लिए फोन किया तो सामने से जवाब आया कि आ जाएगी एंबुलेंस, उड़कर नही आएगी।
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गांव ईक्कस के निकट सोमवार दोपहर को कार और बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। हादसा देख रास्ते से निकल रहे सीबीआई पंचकूला के सीनियर जज जगदीप लोहान वहीं पर रुक गए और अपने सुरक्षा कर्मियों की सहायता से गाड़ी में फंसे घायलों को बाहर निकाला।

घायलों को अस्पताल में पहुंचाने के लिए सीनियर जज ने फोन से एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर कॉल की, लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जब काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची, तो सीनियर जज जगदीप लोहान ने दोबारा से कॉल की, लेकिन कंट्रोल के ऑपरेटर ने जवाब दिया कि एंबुलेंस उड़कर नहीं आएगी। इसके बाद सीनियर जज ने रास्ते से निकल रहे एक कैंटर चालक से आग्रह किया और सभी घायलों को नागरिक अस्पताल में पहुंचवाया।
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जहां चिकित्सक ने एक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो घायलों को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जज जगदीप लोहान ने एंबुलेंस कंट्रोल रूम की सेवाओं के बारे में सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया को अवगत करवाया। सिविल सर्जन ने मौके पर ही वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रमेश पांचाल को मामले की जांच सौंप दी। इस दौरान सिविल सर्जन ने सीनियर जज को आश्वस्त किया कि एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाया जाएगा। 
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जज ने सिविल सर्जन को करवाया अवगत, अस्पताल प्रशासन ने जांच के दिए आदेश

Panchkula Senior Judge Jagdeep Lohan - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार पंचकूला सीबीआई कोर्ट के सीनियर जज जगदीप लोहान का पैतृक गांव राजपुरा है। सोमवार को वह अपने परिवार के साथ गांव आए थे। जब वह वापस पंचकूला की तरफ निकल रहे थे रास्ते में ईक्कस के निकट हादसा हुआ देखकर वहीं पर रुक गए। लोहान उस समय तक डटे रहे जब तक घायलों को प्राथमिक उपचार देकर पीजीआई रेफर नहीं कर दिया गया। 

सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने बताया कि सीबीआई के सीनियर जज ने घायलों को नागरिक अस्पताल में पहुंचाकर मानवता का परिचय दिया है। सीनियर जज ने चार बार नागरिक अस्पताल के कंट्रोल रूम को फोन किया, लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिलना शर्मनाक है। इसलिए इस मामले की जांच वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रमेश पांचाल को दे दी है। इस मामले में जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। 

एंबुलेंस कंट्रोल रूम की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला
सीनियर जज द्वारा एंबुलेंस कंट्रोल रूम की कमी के बारे में अवगत करवाते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया। मामले की जांच कर रहे डॉ. रमेश पांचाल ने तुरंत ही एंबुलेंस कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया और फुटेज के माध्यम से देखा जा रहा है कि जिस समय सीनियर जज का फोन कंट्रोल रूम में आया, उस समय ऑपरेटर कौन था। इस दौरान कंट्रोल रूम में तैनात सभी कर्मचारियों से जल्द से जल्द स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। 
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