पंजाब शिक्षा विभाग में तैनात अध्यापकों और दफ्तरी स्टाफ की चाइल्ड केयर लीव की राह में अब पोर्टल की खराबी रोड़ा नहीं बनेगी। शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि मेडिकल ग्राउंड पर चाइल्ड केयर लीव आवेदन करने वाले स्टाफ के केसों का, जब तक पोर्टल ठीक नहीं हो जाता है, जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा ही निपटारा किया जाएगा।
जिला अधिकारियों को स्टाफ की तरफ से छुट्टी के लिए लगाए गए दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट की पड़ताल करनी होगी। 15 दिन में ऐसे आवेदनों का निपटारा किया जाएगा। जैसे ही पोर्टल ठीक हो जाएगा, उसके बाद प्रक्रिया पहले की तरह चलेगी।
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सालाना परीक्षाओं के चलते हर साल शिक्षा विभाग द्वारा अक्तूबर से मार्च तक स्कूलों में तैनात शिक्षकों व दफ्तरी स्टाफ की चाइल्ड केयर लीव पर रोक लगा दी जाती है। केवल गंभीर केसों में यह छुट्टी मंजूर की जाती है। विभाग का मानना है कि सालाना परीक्षाओं की तैयारी का यह समय सबसे अहम होता है। साथ ही स्कूलों में तैनात शिक्षकों और अन्य स्टाफ की भूमिका अहम रहती है। ऐसे में उन्हें छुट्टी नहीं दी जा सकती है।
इसी बीच शिक्षा विभाग के ध्यान में आया कि विभाग के ई-पोर्टल में तकनीकी खराबी आ गई है। ऐसे में कई महिला मुलाजिमों द्वारा चाइल्ड केयर लीव के लिए कुछ समय पहले आवेदन किया था, लेकिन उसे तय समय में मंजूरी नहीं दी गई। कई महिला मुलाजिमों ने निजी तौर पर अधिकारियों से मिलकर इस मामले को उठाया। इसके बाद उनकी तरफ से इसे मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि पंजाब में 18 हजार से अधिक सरकारी स्कूल हैं। इनमें लाखों शिक्षक ड्यूटी दे रहे हैं।