चंडीगढ़ नगर निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। 40 लोगों ने नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा को शिकायत दी है। हलफनामे के साथ शिकायत दर्ज करवाते हुए पीड़ितों ने कहा कि नगर निगम में बैठाकर उनका उनका साक्षात्कार लिया गया। यही नहीं नियुक्तपत्र देकर काम भी कराया गया लेकिन जब तनख्वाह नहीं आई तब ठगी का पता चला। शिकायत मिलने के बाद अब निगम आयुक्त सेक्टर-17 थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवाने की तैयारी में हैं।
पीड़ितों ने बताया कि नगर निगम के बागवानी विभाग में ठेके पर तैनात क्लर्क विक्रम पदम ने नौकरी के नाम पर कई लोगों को झांसा देकर ठगी की है। आरोपी लोगों से दस्तावेज लेकर उन्हें फर्जी नियुक्तिपत्र जारी करता था। इसके बाद पहचान पत्र देकर उनसे काम भी करवाता था। इस दौरान आरोपी ने किसी से डाक बांटने तो किसी से माली का काम कराया। एक से दो माह काम करने के बाद जब लोगों को वेतन नहीं मिला तो उन्होंने आरोपी से बात की। आरोपी आनाकानी करने लगा। उसके बाद पीड़ित नगर निगम पहुंचे तब उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई। पीड़ितों ने कहा उनके अलावा काफी लोगों से ठगी की गई है लेकिन ज्यादातर लोग डर के कारण सामने नहीं आ रहे।
पिछले साल 18 लोगों ने दी थी चंडीगढ़ एसएसपी विंडो पर शिकायत
नगर निगम में माली, हेल्पर, ड्राइवर, चपरासी और सुपरवाइजर की नौकरी लगवाने के नाम पर 18 लोगों ने 2.25 लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपी के खिलाफ पिछले साल एसएसपी विंडो पर शिकायत दी थी। इसमें हल्लोमाजरा, रामदरबार, मौलीजागरां और जीरकपुर के 18 लोग शामिल थे। पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे 30 से 35 हजार रुपये लिए हैं। आरोपी ने लोगों को बताया था कि उनका वेतन 16500 रुपये होगा और हर माह 2 से 5 तारीख के बीच खाते में वेतन आ जाएगा। जीरकपुर निवासी से आरोपी ने सचिवालय में नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ठगे थे।
पीड़ित से सोहाना में ली रिश्वत, वहां पहले से केस दर्ज
आरोपी निगम में लगभग 17 साल से काम कर रहा था इसलिए उसे निगम की हर प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने लोगों के साथ ठगी की। इस मामले में आरोपी के खिलाफ मोहाली जिले के सोहाना थाने में एक केस दर्ज है। आरोपी ने एक पीड़ित से सोहाना में रुपये लिए थे। इस आधार पर सोहाना थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ लेकिन आरोपी फरार है। इधर, निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि पीड़ितों की बात सुनने के बाद समझ आया कि आरोपी ने नगर निगम का नाम लेकर ठगी की है इसलिए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
पीड़ितों ने मुझे दस्तावेज दिखाए हैं। हमने उनसे हलफनामे पर उनकी शिकायत मांगी है। सभी लोगों की शिकायत आने के बाद सेक्टर-17 थाने में केस दर्ज कराएंगे। अपराध के लिए संस्थान का नाम उपयोग किया है इसलिए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
- आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम