कॉलेज कैप्टन के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह का संवाद कार्यक्रम
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पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह कहते हैं कि अगर इस बार भी अकाली जीत गए तो उनका 47 साल का सियासी तजुर्बा जीरो है। वे कहते हैं किअकाली दल दावा कर रहा है कि तमिलनाडु में जयललिता और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की वापसी से साफ है कि अब एंटी-इन्कम्बेंसी फैक्टर खत्म हो गया है। लेकिन मैं ऐसा नहीं मानते। उन्होंने कहा कि उन दोनों राज्यों की बात अलग है। लेकिन पंजाब में सरकार के खिलाफ जबरदस्त एंटी-इन्कम्बेंसी वेव चल रही है।
कैप्टन जीएमसीएच-32 में कॉलेज कैप्टन्स से मिलने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आप का ग्राफ लगातार गिरा है। सरकार को घेरते हुए कैप्टन ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। संत रणजीत सिंह ढडरियां वाले पर चालीस गोलियां चलाई गईं और सरकार को यह तक नहीं पता कि हमलावर कौन थे। दिन-दहाड़े पुलिसकर्मी को मार दिया जाता है। राज्य में सिस्टम तहस-नहस हो चुका है। पांच राज्यों केचुनाव नतीजों को कैप्टन ने अपेक्षित बताया।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल में नतीजे अपेक्षित थे। असम में अच्छी सरकार देने के बावजूद लोगों की उम्मीदें कुछ और थीं। जैसे कि दिल्ली में शीला दीक्षित ने बहुत अच्छी सरकार चलाई, लेकिन लोगों ने उन्हें फिर भी सत्ता नहीं दी। उन्होंने कहा कि अब प्रचार के तरीके बदल रहे हैं। कॉफी विद कैप्टन में युवाओं के साथ इंटरैक्शन बहुत अच्छा अनुभव रहा। बड़ी संख्या में लड़कियां भी इनमें आईं।
सियासी रैलियों में अभिभावक उन्हें नहीं आने देते हैं, लेकिन ऐसे कार्यक्रमों के लिए इजाजत दे देते हैं। युवा जो भी मुद्दे उठाते हैं, वे दिल से आते हैं। वे बहुत ओपन हैं, उनमें उम्मीदें हैं। बेरोजगारी, सेहत, शिक्षा, नशे, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सवाल करते हैं। कैप्टन ने कहा कि युवा मीडिया की तुलना में सोशल मीडिया को ज्यादा तरजीह देते हैं। इसलिए वह भी रोजाना उनके सवालों के जवाब देने में काफी वक्त लगाते हैं।