कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल की आलोचना करते हुए इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि पिता-पुत्र अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। पंजाब अराजकता की ओर बढ़ रहा है।
सुखबीर बादल के दो परस्पर विरोधी धर्म प्रचारकों संत रंजीत सिंह ढडरियांवाले और हरनाम सिंह धुम्मा को खुद मामला सुलझाने की सलाह देने पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कैप्टन ने कहा कि यह जिम्मेदारी से भागने के समान है, क्योंकि यह दोनों धर्म प्रचारकों के बीच विवाद नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था का मुद्दा है। इस दौरान 40 राउंड गोलियां चलीं और एक व्यक्ति की जान जा चुकी है।
संत ढडरियांवाले के काफिले पर फायरिंग की घटना पर उन्होंने कहा कि दो दर्जन से अधिक लोगों ने उन पर हमला किया। 40 राउंड गोलियां चलाईं, लेकिन पुलिस के पास अभी तक सुराग नहीं है या बादल किसी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं? इसी तरह गृह मंत्री का पद भी संभालने वाले उपमुख्यमंत्री चाहते हैं कि दोनों आपस में मामला सुलझा लें।
प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष ने सवाल किया कि यदि विरोधी पक्षों को आपस में मामले सुलझाने के लिए छोड़ दिया जाए तो फिर गृह मंत्री व मुख्यमंत्री की क्या भूमिका है? राज्य पहले ही अलग-अलग आपराधिक गैंगों के बीच वारदात का सामना कर रहा है। इसका मतलब यह है कि उन गैंगों को अपने मसले सुलझाने के लिए छोड़ देना चाहिए और पुलिस को पीछे हटाकर पंजाब को गैंग-लैंड्स बना देना चाहिए?
उन्होंने कहा कि सीनियर बादल मध्यकालीन राजाओं के दरबार की तरह गांवों में संगत दर्शन लगाकर अपना मनोरंजन कर रहे हैं और झूठे सपने दिखाकर मासूम लोगों को धोखा दे रहे हैं, जबकि जूनियर बादल अपने व्यक्तिगत बिजनेस हितों को प्रोत्साहन दे रहे हैं।