Amarinder Singh and Navjot Singh Sidhu
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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा देने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के लिए दिक्कतें खड़ी कर दीं हैं। परोक्ष तौर पर उन्होंने सिद्धू को पंजाब सूबे की सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया है। उनका कहना है कि नवजोत सिद्धू कांग्रेस में एक आपदा की तरह हैं। कांग्रेस को उनको अध्यक्ष नहीं बनाना चाहिए था।
सिद्धू पाकिस्तान सेना प्रमुख बाजवा और वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान के मित्र हैं। अगर उनको सीएम बनाया गया तो इसका विरोध करूंगा। अमरिंदर सिंह ने शनिवार शाम पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पंजाब सरहदी सूबा है, जहां सीमा पार से अस्थिरता पैदा करने के लिए हथियार भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा पाकिस्तान से ड्रग्स की खेप लगातार आ रही हैं। ऐसे में मैं पंजाब की सुरक्षा के लिए लड़ता रहूंगा।
कैप्टन ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर नवजोत सिद्धू उन्हें बिल्कुल मंजूर नहीं हैं, क्योंकि यह व्यक्ति पंजाब के लिए तबाही है। उन्होंने कहा कि सिद्धू कैबिनेट मंत्री के तौर पर अपना विभाग तो संभाल नहीं सके, पंजाब को क्या संभालेंगे।
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राजनीति नहीं छोड़ूंगा, कई विकल्प खुले
कैप्टन ने यह भी साफ किया कि वह राजनीति छोड़ने वाले नहीं हैं और उनके लिए कई विकल्प खुले हैं। वह क्या करेंगे, इस बारे में अपने साथियों के साथ विचार करके ही फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि वह साढ़े नौ साल तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे और 52 साल से सियासत में है। वह सक्रिय राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं।
अकाली दल से मेरी दुश्मनी
अकाली दल में जाने की चर्चाओं से संबंधित सवाल के जवाब में कैप्टन ने कहा कि अकाली दल से तो मेरी दुश्मनी है और जो तृप्त बाजवा कह रहे हैं, मुझे लगता है कि उन्हें सियासत नहीं आती। उन्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए। अमरिंदर ने कहा कि बरगाड़ी व बहिबल कलां मामले और बुर्ज जवाहरवाला मामले में एसआईटी जांच कर रही है। कानून के अनुसार हर मामले में कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि वह क्या चाहते हैं कि मैं हिंदुस्तान का कानून तोड़कर काम करूं।