फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैबिनेट विस्तार की अटकलें: मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और ब्रह्म मोहिंदरा ने की राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से मुलाकात

Tue, 03 Aug 2021 01:10 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब कांग्रेस में घमासान के बाद अब कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा की राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के साथ हुई मुलाकात ने इन अटकलों को और बल दिया। 
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सोमवार दोपहर सूबे के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से मिलने राजभवन पहुंचे। उनके साथ प्रदेश के संसदीय मामलों के मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा भी थे। मुख्यमंत्री की राज्यपाल से इस अचानक मुलाकात ने राज्य मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को और हवा दे दी है। 

विज्ञापन


दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने यह कहते हुए अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेत दिए थे कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से जल्दी ही मुलाकात करके मंत्रिमंडल फेरबदल के बारे में भी विचार-विमर्श करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान ने कैप्टन को यह स्पष्ट कर दिया है कि मंत्रिमंडल विस्तार उनका अधिकार क्षेत्र है और वे जो चाहे फैसला ले सकते हैं। इसमें प्रदेश प्रधान या हाईकमान की तरफ से कोई दखल नहीं दिया जाएगा। 

सोमवार को मुख्यमंत्री के साथ संसदीय मामलों के मंत्री का राज्यपाल से मिलने जाना, यह संकेत दे रहा है कि मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मंत्रिमंडल विस्तार कार्यक्रम में नए मंत्रियों को शपथ ग्रहण कराने के लिए समय मांग लिया है और इस संबंध में विधिवत घोषणा एक-दो दिन में हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष पद संभालने के बाद मुख्यमंत्री से पहली मुलाकात के दौरान मांगों की जो फेहरिस्त रखी गई थी, वह मामला हाईकमान तक पहुंच गया था। हाईकमान ने भी सिद्धू द्वारा कैप्टन सरकार के कामकाज पर सार्वजनिक तौर पर उंगली उठाने को गलत ठहराया गया था। इस बीच सिद्धू जहां चार कार्यकारी अध्यक्षों के साथ जिला स्तर पर मेल-मिलाप अभियान जारी रखे हुए हैं, उससे यह साफ हो गया है कि प्रदेश में कांग्रेस सिद्धू और कैप्टन खेमों में बंटती जा रही है। 

हालांकि कैप्टन साफ कर चुके हैं कि वह और सिद्धू मिलकर काम करेंगे लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि सिद्धू पार्टी चला रहे हैं और वह सरकार। इसका सीधा अर्थ यह लगाया गया है कि कैप्टन अपनी सरकार में सिद्धू का दखल नहीं चाहते। वैसे कैप्टन का यह भी कहना था कि पार्टी और सरकार को एक टीम के तौर पर काम करना चाहिए।  

दूसरी ओर, मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज होते ही प्रदेश कांग्रेस में हलचल फिर तेज हो गई है। ऐसे विधायक जो लंबे समय से मंत्री की कुर्सी की आस लगाए बैठे थे, की उम्मीद जग गई है क्योंकि माना जा रहा है कि कैप्टन अपने मंत्रिमंडल से उन मंत्रियों की छुट्टी कर सकते हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ मुहिम में नवजोत सिद्धू का खुलकर साथ दिया। ऐसे मंत्रियों की संख्या चार से अधिक है, इसलिए विधायकों की कतार बड़ी होने जा रही है, जिसके बारे में मंगलवार तो स्थिति साफ होने लगेगी। इस बीच, मंत्रिमंडल विस्तार के अलावा मुख्यमंत्री अपने कई मंत्रियों के विभागों फेरबदल भी कर सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें