रोपड़ से आम आदमी पार्टी के विधायक अमरजीत सिंह संदोआ और कोटकपूरा से आप विधायक कुलतार सिंह संधवा को कनाडा ने डिपोर्ट कर दिया है। दोनों सोमवार सुबह दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंच गए। कनाडा में रविवार को दोनों आप विधायकों को डिटेन कर पहले पूछताछ की गई और बाद में भारत भेज दिया गया।
आप के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, कनाडा में ओटावा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जब दोनों विधायक उतरे तो संदोआ से पूछताछ की गई। कनाडा इमिग्रेशन अधिकारियों ने संधवा और संदोआ से पूछा कि वह कनाडा क्या करने आए हैं। उनकी विजिट राजनीतिक है या वे घूमने फिरने आए हैं। इस पर दोनों के उत्तर भी संतुष्टिजनक नहीं थे।
संदोआ और संधवा ने बताया कि कैनेडियन अधिकारियों ने हम दोनों से पूछताछ की, जिस पर उन्होंने कहा कि वह कनाडा में अपने परिवार से मिलने के लिए आए है लेकिन वहां उन्हें कुछ राजनीतिक बैठक भी करनी थी, जिसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इस पर कैनेडियन अधिकारियों ने कहा कि आपने वीजा बीवी बच्चों के साथ लिया था लेकिन आप लोग अकेले आएं हैं। जवाब में संदोआ ने कहा कि बच्चों के स्कूल शुरू हो गए है। इस जवाब से अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने कहा कि हम आपको यहां आने की इजाजत नहीं दे सकते।
मुझे एयरपोर्ट से डिपोर्ट नहीं किया गया
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संधवा ने कहा कि मुझे एयरपोर्ट से डिपोर्ट नहीं किया गया। यह सब कुछ कम्युनिकेशन गैप की वजह से हुआ। जब उन्हें पता लगा कि मैं एक विधायक हूं तो वे कन्फ्यूज हो गए कि यह मेरा निजी दौरा है या राजनीतिक दौरा। अधिकारियों ने मुझे अगली बार पहले से ही शेड्यूल की सूचना देकर आने की बात कही है।
कनाडा से डिपोर्ट हुए ‘आप’ विधायकों की शिकायत डॉ. अमनदीप बैंस ने कैनेडियन अथॉरिटी को की थी। बैंस ने विधायकों को डिपोर्ट करने के कनाडा के फैसले का स्वागत किया है। बैंस ने कहा कि कनाडा और भारत में कानून अलग-अलग हैं। भारत में जब तक कोई आरोप साबित नहीं होता, तब तक व्यक्ति दोषी नहीं होता लेकिन पंजाब सरकार को अब चाहिए कि जो तथ्य किसी समय भी नतीजे तक नहीं पहुंचे, उनकी जांच कराई जाए।
आप विधायक संदोआ किराए के एक घर में रहते थे, जिसकी मकान मालकिन ने उनके खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट और धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी। रोपड़ कोर्ट ने शुक्रवार को ही इस मामले में संदोआ पर आरोप तय किए थे। संदोआ के खिलाफ केस करने वाली तरमिंदर कौर ने आरोप लगाया कि विधायक ने जियाल सिंह नगर स्थित घर को 30 हजार रुपये में किराए पर लिया था। लेकिन घर को छोड़ते वक्त विधायक ने एक महीने के किराए के साथ ही पुराना बकाया भी चुकाने से इनकार कर दिया। मांगने पर मारपीट करने के साथ ही धमकी भी दी थी। पीड़ित ने पिछले साल जुलाई में शिकायत दर्ज करा दी थी।
आप के चीफ केजरीवाल नहीं सुनते शिकायतें
शिकायतकर्ता बैंस ने कहा कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह आप विधायकों के खिलाफ शिकायतों को नजरअंदाज क्यों करते हैं। बैंस ने कहा कि उन्होंने शिकायतों को केजरीवाल के सामने लेकर गए थे, लेकिन उनके हाथ निराशा ही हाथ लगी।