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सीबीएसई की गाइडलाइंस के बावजूद शिक्षक कर रहे ये काम

Mon, 07 Nov 2016 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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CBSE
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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) गाइडलाइंस की चंडीगढ़ में जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सीबीएसई ने पांच दिन पहले ही शिक्षकों से दूसरा कोई भी काम नहीं लेने के आदेश जारी किए थे। बावजूद इसके चंडीगढ़ में 70 शिक्षकों और 55 लैब अटेंडेंट और सीनियर लैब अटेंडेंट को चुनावी ड्यूटी में लगाया हुआ है। 
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बच्चों को पढ़ाने की बजाए शिक्षक मतदाता पहचान पत्र बनाने के कार्यों में व्यस्त हैं। कई स्कूलों में बच्चे दिनभर शिक्षकों का इंतजार करते रह जाते हैं। बहुत से सरकारी स्कूलों में पहले ही क्लास में बच्चों की संख्या 60 से अधिक रहती है। ऐसे में एक शिक्षक दूसरी क्लास को नहीं संभाल सकता।

क्लास के लिए अलग से ही शिक्षक चाहिए। दिसंबर में नगर निगम के चुनाव होने हैं। ऐसे में अगला महीना भी इन शिक्षकों का चुनावी व्यस्तता में ही गुजरना है। यूटी के स्कूलों में शिक्षक को क्लेरिकल काम भी करने पड़ते हैं।
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यूटी कैडर एजुकेशनल इंप्लाइज यूनियन के प्रेसिडेंट स्वर्ण सिंह कंबोज ने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों को सर्टिफिकेट देना, विभिन्न तरह के फंड को जमा करना और भी कई तरह के काम करने पड़ते हैं। जिस कारण उन्हें बीच में क्लास छोड़कर जाना होता है। 

कंबोज ने कहा कि ऐसे काम क्लर्क से ही लिए जाने चाहिए। बेशक इसके लिए स्टाफ भर्ती किया जाए। चुनावी ड्यूटी के कारण तो शिक्षक पूरा दिन स्कूल ही नहीं आ पाते। कई बार तो ऐसा लगता है कि वह शिक्षा विभाग के इंप्लाई हैं या फिर चुनाव विभाग के क्लर्क। 

इस तरह के काम शिक्षकों पर नहीं थोपे जाने चाहिए। इससे बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होता है। फिर इसके लिए प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को क्यों नहीं लगाया जाता। कंबोज ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग सीबीएसई नियमों की अवहेलना कर रहा है।
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