28 जुलाई को लगेगी पहली मेरिट लिस्ट, शुरू होगी दाखिले की दौड़
- फोटो : amar ujala
आर्थिक कमजोरी के कारण अनुसूचित जाति (एससी) के खिलाड़ियों का खेल प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने एक स्कीम शुरू की है। इसके तहत हर साल पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक तय रकम दी जाएगी। इसमें लड़के और लड़कियों को अलग-अलग राशि दी जाएगी।
पैसे देने के लिए सरकार ने खिलाड़ियों से आवेदन मांगे थे। अभी तक प्रदेश भर से 2000 से ज्यादा खिलाड़ियों के आवेदन आए हैं। खिलाड़ियों को हर साल प्रतियोगिताओं में भाग लेना होगा और सरकार से राशि लेने के लिए हर साल आवेदन करना होगा।
प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए फेयर प्ले स्कालरशिप अंडर एससी कंपोनेंट स्कीम शुरू की है। इसके तहत राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने वाली एससी की बेटी को 54 हजार तो लड़कों को 42 हजार रुपये प्रति वर्ष दिए जाएंगे।
जबकि रजत पदक जीतने वाली लड़कियों को 48 हजार, लड़कों को 36 हजार और कांस्य जीतने पर लड़कियों को 42 हजार, लड़कों को 30 हजार रुपये दिए जाएंगे।
खिलाड़ियों से मांगे आवेदन, 2000 से ज्यादा आए
पहले 18 जुलाई को लगनी थी मेरिट, लेकिन अब 27 को होगी जारी
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राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने पर लड़कियों को 72 हजार, लड़कों को 60 हजार मिलेंगे। जबकि रजत पदक जीतने पर लड़कियों को 60 हजार, लड़कों को 48 हजार और कांस्य पदक जीतने पर लड़कियों को 48 हजार तो लड़कों को 36 हजार रुपये मिलेंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने पर लड़कियों को 96 हजार, लड़कों को 84 हजार मिलेंगे। जबकि रजत पदक जीतने पर लड़कियों को 84 हजार तो लड़कों को 72 हजार मिलेंगे। कांस्य पदक जीतने पर लड़कियों को 72 हजार और लड़कों को 60 हजार रुपये मिलेंगे।
तीनों में किसी में भी केवल भागीदारी करने पर लड़कियों को 30 हजार, लड़कों को 18 हजार रुपये हर साल दिए जाएंगे। इसके लिए मेडल विजेताओं और भागीदारी करने वाले खिलाड़ियों से आवेदन मांगे गए।
प्रदेश भर से अभी तक 2000 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। आवेदन पत्रों की जांच की जा रही है। इन खिलाड़ियों को सरकार जल्द ही खाते में पैसे भेज सकती है। कोई कार्यक्रम करके भी पैसे दिए जा सकते हैं।
फेयर प्ले स्कालरशिप अंडर एससी कंपोनेंट स्कीम के तहत सरकार ने आवेदन मांगे थे। इसके तहत खिलाड़ियों ने आवेदन किया है। अब आवेदन पत्रों की जांच की जा रही है। इसके बाद शासन को भेजा जाएगा। आवेदन करने वालों को जल्द ही रुपये मिल सकते हैं।
- ओमपति मल्हान, जिला खेल अधिकारी