बीए, बीकॉम और एलएलबी (ऑनर्स) के दर्जनों छात्रों को पंजाब यूनिवर्सिटी एक आखिरी सुनहरा मौका देने जा रही है। यह सुनहरा मौका उन छात्रों के लिए है, जिनके इंटीग्रेटिड कोर्स में साल 2014-15 में किसी कारण री-अपीयर आ गई थी। दूसरे, चौथे, छठें व दसवें सेमेस्टर के छात्र भी री-अपीयर के लिए अप्लाई कर सकेंगे। 27 जनवरी को होने वाली सिंडिकेट की बैठक में इस बाबत एजेंडा बनाया गया है। यूनिवर्सिटी की तरफ से ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि इन कोर्सों के छात्रों का भविष्य खराब न हो।
सिंडिकेट की बैठक में 32 एजेंडो पर चर्चा
नई सिंडिकेट की पहली बैठक में करीब 32 एजेंडो पर चर्चा होने की उम्मीद है। एजेंडे में मुख्य मुद्दे के तौर पर एमए इकोनॉमिक्स के दाखिले में एंट्रेंस टेस्ट, ट्रांसजेंडर छात्रों की फीस माफी, सेक्टर-32 स्थित एसडी कॉलेज से रिटायर्ड प्रिंसिपल डॉ भूषण के शर्मा के एक्सटेंशन देने, इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट में जीएसटी अधिकारी पर विचार व पीयू वेलफेयर कमेटी, कॉलेज डेवलपमेंट, चाइल्ड केयर लीव शामिल हैं। वहीं आर्ट्स ब्लाक से लॉ विभाग तक चार पहियों के गाड़ियों पर लगी पाबंदी का मुद्दा भी नई सिंडिकेट की बैठक में गरमा सकता है, क्योंकि कई स्टूडेंट यूनियन इसके खिलाफ में खड़ी हैं।
ट्रांसजेंडर छात्रों की फीस माफी पर सबकी नजर
सिंडिकेट की बैठक में ट्रांसजेंडर छात्रों को फीस में छूट देने के मुद्दे पर सबकी नजर बनी हुई है। हालांकि ट्रांसजेंडर छात्रों को पीयू द्वारा दी गई शर्त पर किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं है। दरअसल, ट्रांसजेंडर छात्रों को फीस में छूट देने के लिए पीयू तैयार हो गया है, लेकिन एक शर्त पर। पीयू का कहना है कि वह ट्रांसजेंडर छात्रों के ट्यूशन फीस व परीक्षा फीस को माफ करने के लिए तैयार हैं बशर्ते वह छात्र कैं पस के किसी धरना प्रदर्शन में हिस्सा न लें। सिंडिकेट की बैठक में इस पर आखिरी मुहर लगेगी सकती है।