पीयू के इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. विशाल शर्मा, डॉ. अमित चौधरी और भौतिक विज्ञान विभाग के डॉ. मनीष शर्मा को केंद्र सरकार ने यह प्रोजेक्ट दिया है। इसके लिए 2.50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस बजट से युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। 14 दिन का यह प्रशिक्षण होगा। सात दिन पीयू अपने यहां प्रशिक्षण देगी और सात दिन उद्योगों में जाकर यह प्रशिक्षण लेंगे। माना जा रहा है कि पीयू हजारों युवाओं को दो साल में प्रशिक्षित कर देगी। एक बैच में 80 से 100 युवाओं को लिया जाएगा। हालांकि इसके लिए सीटें व योग्यता निर्धारित नहीं की गई है। पूरी गाइडलाइन पीयू की ओर से बनाई जानी हैं। इसके समन्वयक यूआईईटी के डॉ. नरेश कुमार रहेंगे।
प्रशिक्षित युवा बनेंगे एंटरप्रेन्योर
पीयू का मानना है कि यहां प्रशिक्षण पाने वाले युवा एंटरप्रेन्योर बन सकेंगे। वह स्टार्टअप आदि शुरू करके अन्य युवाओं को नौकरी दे सकेंगे। स्टार्टअप शुरू करने के लिए बाकायदा सरकार की ओर से पीयू मदद करवाएगी। ई-कचरा निस्तारण के लिए अलग से बाजार भी बन सकेंगे। इस तरह यह एक बड़ी योजना है।
ई-कचरा प्रबंधन पर युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके जरिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। प्रशिक्षण किन युवाओं को मिलेगा, उसके लिए गाइडलाइन बनाई जा रही है। अभी सीटों की संख्या से लेकर योग्यता तक तय होना बाकी है। - डॉ. विशाल शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, यूआईईटी पीयू