हरियाणा की 57 पंचायतें ऐसी हैं, जिन्होंने अपने यहां शराब ठेके खोलने से इंकार किया है। सरकार ने प्रदेश की सभी पंचायतों से प्रस्ताव मांगे थे, जिनमें से 57 ने ही शबराबंदी का प्रस्ताव भेजा था। पवित्र शहरों थानेसर नगर परिषद और पेहोवा नगरपालिका में भी शराब नहीं बिकेगी। जिन गांवों में कन्या गुरुकुल चल रहे हैं, वहां भी शराब बेचने की अनुमति नहीं होगी।
शराब नीति के अहम बिंदु
- सभी मॉल, गुरुग्राम, फरीदाबाद एवं पंचकूला में लाइसेंस प्राप्त शापिंग क्षेत्र में आउटलेट खोले जा सकेंगे।
- आयातित विदेशी शराब में बड़े ठेकेदारों को शामिल होने का मौका मिलेगा।
- कम रेट पर बेहतर देशी शराब के लिए मेट्रो शराब लांच करने की अनुमति, जो राज्य की शराब फैक्ट्रियों में बनेगी।
- शराब ठेकों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से कम से कम 20 प्रतिशत शराब कांच की बोतलों में बिकेगी।
- तेज की बजाय हल्की शराब की बिक्री के लिए हार्ड लिकर के लिए अनिवार्य लाइसेंस मांगे बिना लाइसेंस का विकल्प चुनने की अनुमति।
शराब तस्करी रोकने को विभाग में तैनात होंगे 350 पुलिस कर्मी
हरियाणा में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी रोकने पर सरकार का खास फोकस रहेगा। इसके लिए आबकारी एवं कराधान विभाग में 350 पुलिस कर्मियों को डेपुटेशन पर तैनात किया जाएगा। भिवानी, कैथल, हिसार, जींद और फतेहाबाद सरीखे शहरों में सख्त मानदंडों का अनुपालन होगा। जिला स्तर के अधिकारियों को काफी हद तक कलेक्टर आबकारी का अधिकार दिया गया है।
बुधवार को अधिसूचित होंगे शराब के नए रेट : कौशल
आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि मंत्रिमंडल बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी गई है। नई नीति अनुसार शराब के रेट और लाइसेंस फीस बुधवार को अधिसूचित की जाएगी। इससे साफ होगा कि कितनी वृद्धि या कमी रेट और लाइसेंस फीस में हुई है।