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कैबिनेट का फैसलाः हरियाणा में अंग्रेजी-देशी शराब होगी महंगी, फौजियों के लिए सिर्फ ‘रम’ सस्ती

Tue, 05 Mar 2019 09:39 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा कैबिनेट की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में सुरा के दीवानों के लिए अच्छी खबर नहीं है। प्रदेश की नई आबकारी नीति 2019-20 में देशी और अंग्रेजी शराब के रेट बढ़ने जा रहे हैं। मंगलवार को यहां सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी। आम लोगों के लिए जहां शराब महंगी होगी। वहीं फौजियों के लिए सरकार ने कैंटीन में रम को सस्ता करने का निर्णय लिया है। 

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रम पर 61 रुपये प्रति प्रूफ लीटर आबकारी शुल्क कम किया गया है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में शराब से लगभग साढ़े सात हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। 31 मार्च को खत्म हो रहे मौजूदा वित्तीय वर्ष में शराब की बिक्री से सरकार को खजाने में 6300 करोड़ रुपये का राजस्व आने की उम्मीद है। 

6300 करोड़ रुपये का राजस्व बीते साल आए राजस्व से 23 फीसदी अधिक है। जिससे उत्साहित होकर सरकार ने 19 फीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित कर नए वित्त वर्ष में साढ़े सात हजार करोड़ रुपये शराब की बिक्री से कमाने का लक्ष्य रखा है। कैबिनेट बैठक में देसी व अंग्रेजी शराब की बिक्री का कोटा बढ़ाने के साथ ही इसे महंगा भी किया गया है। 
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चुनावी वर्ष में सरकार को शराब की खपत अधिक होने की उम्मीद है। देशी शराब के कोटे को 10 करोड़ प्रूफ लीटर से बढ़ाकर 10.5 करोड़ प्रूफ लीटर और भारत में निर्मित अंग्रेजी शराब के कोटे को 6 करोड़ प्रूफ लीटर से बढ़ाकर साढ़े छह करोड़ प्रूफ लीटर किया गया है।

घर पर भी शराब का स्टॉक रख सकेंगे शौकीन
प्रदेश सरकार ने लोगों को अपने घर पर शराब का स्टॉक रखने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए लाइसेंस (एल-50) लिया जा सकेगा। इसके रेट अभी तय होने बाकी हैं। इसके लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। पांच हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों में अतिरिक्त सब वेंड की अनुमति होगी।

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कन्या गुरुकुल के आसपास व 57 पंचायतों में नहीं बिकेगी शराब

हरियाणा की 57 पंचायतें ऐसी हैं, जिन्होंने अपने यहां शराब ठेके खोलने से इंकार किया है। सरकार ने प्रदेश की सभी पंचायतों से प्रस्ताव मांगे थे, जिनमें से 57 ने ही शबराबंदी का प्रस्ताव भेजा था। पवित्र शहरों थानेसर नगर परिषद और पेहोवा नगरपालिका में भी शराब नहीं बिकेगी। जिन गांवों में कन्या गुरुकुल चल रहे हैं, वहां भी शराब बेचने की अनुमति नहीं होगी।

शराब नीति के अहम बिंदु
- सभी मॉल, गुरुग्राम, फरीदाबाद एवं पंचकूला में लाइसेंस प्राप्त शापिंग क्षेत्र में आउटलेट खोले जा सकेंगे।
- आयातित विदेशी शराब में बड़े ठेकेदारों को शामिल होने का मौका मिलेगा।
- कम रेट पर बेहतर देशी शराब के लिए मेट्रो शराब लांच करने की अनुमति, जो राज्य की शराब फैक्ट्रियों में बनेगी।
- शराब ठेकों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से कम से कम 20 प्रतिशत शराब कांच की बोतलों में बिकेगी।
- तेज की बजाय हल्की शराब की बिक्री के लिए हार्ड लिकर के लिए अनिवार्य लाइसेंस मांगे बिना लाइसेंस का विकल्प चुनने की अनुमति।

शराब तस्करी रोकने को विभाग में तैनात होंगे 350 पुलिस कर्मी
हरियाणा में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी रोकने पर सरकार का खास फोकस रहेगा। इसके लिए आबकारी एवं कराधान विभाग में 350 पुलिस कर्मियों को डेपुटेशन पर तैनात किया जाएगा। भिवानी, कैथल, हिसार, जींद और फतेहाबाद सरीखे शहरों में सख्त मानदंडों का अनुपालन होगा। जिला स्तर के अधिकारियों को काफी हद तक कलेक्टर आबकारी का अधिकार दिया गया है।

बुधवार को अधिसूचित होंगे शराब के नए रेट : कौशल
आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि मंत्रिमंडल बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी गई है। नई नीति अनुसार शराब के रेट और लाइसेंस फीस बुधवार को अधिसूचित की जाएगी। इससे साफ होगा कि कितनी वृद्धि या कमी रेट और लाइसेंस फीस में हुई है। 
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