पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब कैबिनेट ने शुक्रवार को खरीफ खरीद सीजन 2021-22 के लिए पंजाब कस्टम मिलिंग नीति को मंजूरी दे दी। इससे राज्य की खरीद एजेंसियों (पनग्रेन, मार्कफेड, पनसप और पीएसडब्ल्यूसी) द्वारा खरीदे गए धान को कस्टम मिल्ड चावलों में तबदील करके इसे केंद्रीय पूल में भेजा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि खरीफ खरीद सीजन 2021-22 की शुरुआत 1 अक्तूबर, 2021 से हो रही है और यह प्रक्रिया 15 दिसंबर, 2021 तक चलेगी। खरीद सीजन 2021-22 के दौरान खरीदे गए धान का राज्य की चावल मिलों में भंडारण किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- पंजाब: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का होगा विकास, कई विभागों का होगा पुनर्गठन, कैबिनेट ने दी मंजूरी
इस नीति के अनुसार, चावल मिलों को खरीद केंद्रों के साथ जोड़ा जाएगा जो खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले के विभाग द्वारा जारी खरीद केंद्र अलॉटमेंट सूची के अनुसार होगा। राइस मिलर द्वारा नीति और करारनामे के मुताबिक 31 मार्च, 2022 तक भंडारण किए धान में से चावल मुहैया करवाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा हर वर्ष खरीफ खरीद सीजन शुरू होने से पहले कस्टम मिलिंग नीति जारी की जाती है, जिससे धान, जोकि राज्य की एजेंसियों द्वारा भारत सरकार की तरफ से तय शर्तों के अनुसार ही खरीदा जाता है, की मिलिंग की जा सके।
यह भी पढ़ें- पंजाब कैबिनेट का फैसला: 18 नए सरकारी कॉलेजों में 177 पदों को भरने की मंजूरी, नौ फास्ट ट्रैक अदालतों की होगी स्थापना
191 लाख टन धान की खरीद का इंतजाम
कैबिनेट की तरफ से इस मौके पर बीते वर्ष के दौरान धान की वास्तविक पैदावार को प्रमुख रखते हुए 191 लाख टन धान की खरीद के इंतजाम को भी मंजूरी दे दी। इसके मुताबिक यह इंतजाम किए जा रहे हैं कि 42012.13 करोड़ रुपये की नकद कर्ज हद का इस्तेमाल किया जा सके जोकि राज्य की खरीद एजेंसियों को अलॉट 95 प्रतिशत हिस्से की खरीद के लिए जरूरी है।