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पोचम के जुनून को सलाम... देश की संस्कृति को कैनवास पर सहेजने का कर रहे काम

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तेलंगाना से आए कलाकार पोचम पीजीआई इमरजेंसी के बाहर बैठ कर स्ट्रेक्चर पर लेटे मरीजों की लाइव पें?
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चंडीगढ़। विरले ही लोग होते हैं जो अपने जुनून के चलते घर छोड़कर लक्ष्यों को पूरा करने निकल जाते हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं पोचम। पोचम तेलंगाना के मंचरियाल जिले के गांव चेन्नूर के किसान परिवार से संबंध रखते हैं। पिछले चार साल से घर और गांव छोड़कर पोचम देश की कला यात्रा पर निकले हैं। इसके जरिए वे देश की संस्कृतियों को कैनवास के जरिए सहेजने का काम कर रहे हैं। पोचम शुक्रवार को हरियाणा से चंडीगढ़ पहुंचे। उन्होंने रॉक गार्डन के लाइव दृश्य बनाए। इसके बाद वे दोपहर को पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड के बाहर पहुंचे और वहां पर लाइव पेंटिंग बनाई। पोचम ने रंगों के जरिए पीजीआई इमरजेंसी के बाहर स्ट्रैचर पर लेटे मरीज और साथ में आए उनके परिवार के हालातों, उनके भावों और आसपास के दृश्यों को कैनवास पर उकेरा।
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18 राज्यों के विभिन्न स्थानों की यात्रा कर चुके पोचम अब तक 13 हजार लाइव पेंटिंग बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से चित्रकला में रुचि थी, जिसके चलते फाइन आर्ट्स में एमए की पढ़ाई की। इसके बाद हैदराबाद में दो साल एक स्कूल में पढ़ाया। बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी, क्योंकि वे पूरे देश का सफर करना चाहते थे और वहां की संस्कृतियों, स्मारकों, पहनावे, खानपान और लोगों के साथ उनकी परेशानियों को कैनवास पर उकेरना चाहते थे। इसके लिए दिसंबर, 2017 में नौकरी छोड़ी और परिवार को फैसला बताया। परिवार ने उनके फैसले का विरोध किया, क्योंकि किसान परिवार है और आर्थिक रूप से कोई खास अच्छे नहीं है। लेकिन पोचम को लक्ष्य पाने की ललक थी, जिसके कारण वे खुद को रोक नहीं पाए।
बस, रेल और साइकिल से की 18 राज्यों की यात्रा
पोचम ने बताया कि शुरुआत में नौकरी से बचाए कुछ रुपये थे। इसके साथ ही दोस्तों ने भी मदद की। जब सफर पर निकला तो लोगों ने कहानियां सुनीं और सफर के लिए आर्थिक मदद भी की। अब तक 18 राज्यों का सफर बस, रेल और साइकिल से किया है। बहुत से लोगों ने रात को रुकने के लिए अपने घर पर ठहराया, साथ में शहर का भ्रमण करने के लिए साइकिल दी। वहीं कई बार जमीन को बिस्तर बनाकर और आसमान को छत समझकर भी रातें गुजारी हैं। पोचम अब तक जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान, गुजरात, आसाम, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ आदि की यात्रा कर चुके हैं।
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बनारस के गंगा घाट से की कला यात्रा शुरू
पोचम ने बताया कि भगवान शंकर में उनकी बहुत आस्था है। इसलिए यात्रा की शुरुआत बनारस के गंगा घाट से की। अब तक 18 राज्यों के विभिन्न स्थानों की 13 हजार लाइव पेंटिंग बना चुके हैं। डेढ़ से दो साल में सभी राज्यों की कला यात्रा को पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसके बाद कोशिश रहेगी कि देश के विभिन्न राज्यों के अनुभवों का संकलन तैयार किया जाए जिससे सभी लोग देश को पेंटिंग के जरिए जान सके। पोचम पेंटिंग के नीचे जगह का नाम और दिनांक भी लिखते हैं।
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