किसान आंदोलन की वजह से पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में प्रतिदिन तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हो रहा है। अकेले पंजाब के कारोबारियों को 875 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर आंदोलन लंबे समय तक जारी रहा तो कारोबार पूरी तरह से ठप्प हो जाएगा।
पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश प्रधान प्यारे लाल सेठ और महासचिव समीर जैन ने यह जानकारी दी। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह अर्थव्यवस्था पर चोट लगती रही तो पंजाब व खास कर उत्तरीय भारत की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो जाएगी। विकास व व्यापार की ट्रेन पटरी से उतर जाएगी।
किसानों के आंदोलन से पंजाब को ही 875 से 1000 करोड़ का नुक्सान होना शुरू हो गया है। किसानों के साथ सरकार को समझौता करना चाहिए। अगर आंदोलन लंबा चलता है तो पंजाब का व्यापार पटरी से उतर जाएगा। सब से अधिक असर रिटेल मार्केट व ग्रोसरी पर पड़ेगा। महंगाई भी बढ़ेगी।
पंजाब में कारोबार और माल की ढुलाई रेल या रोड ट्रांसपोर्ट के माध्यम से होता है। 15 प्रतिशत व्यापार का सामान रेलवे जबकि 85 प्रतिशत सड़क मार्ग पर निर्भर है। रोड ब्लाक होने से हर रोज 1600 से अधिक ट्रकों का आना जाना कम हो गया है।
श्री हरमंदिर साहिब में श्रद्धालुओं की आमद पर असर
किसान आंदोलन का असर श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होने वाले श्रद्धालुओं की आमद पर भी दिखाई दे रहा है। अमृतसर-दिल्ली सड़क पर आवाजाही प्रभावित होने से श्रद्धालुओं की संख्या में 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई है। अगर यही हालात रहे तो अगले दो-तीन दिनों में संगत की संख्या में 65 प्रतिशत से अधिक गिरावट आ सकती है। बुधवार दोपहर बाद से आमद तेजी से घट रही है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधीन चल रहे सात यात्री निवासों एवं सरायों में भी 50 प्रतिशत से अधिक बुकिंग रद्द हो गई है। बुधवार दोपहर तक 50 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालुओं ने चेकआउट कर दिया था।
सारागढ़ी यात्री निवास के सुपर वाइजर रणजीत सिंह भोमा मानते हैं कि आंदोलन का असर यात्री निवासों की बुकिंग पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। ऑनलाइन बुकिंग भी रद्द हो रही है, पंजाब के यात्रियों की आमद तो श्री हरमंदिर साहिब के लिए अभी जारी है, लेकिन अन्य राज्यों की संगत द्वारा निवासों के ठहराव के लिए एडवांस आनलाइन बुकिंग तेजी से रद्द की जा रही है।
सारागढ़ी यात्री निवास में कुल 238 एसी कमरे एवं हाल हैं। इनमें से बुधवार को 160 से अधिक कमरे ही बुक थे, यही आलम अन्य छह यात्री निवास का भी है। अगर किसानों का आंदोलन लंबे समय के लिए जारी रहा तो बुकिंग के बुरी तरह से प्रभावित होना तय है।
आजाद टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि अगर किसानो का आंदोलन लंबा चला तो उन्हें दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना मुशकिल हो जाएगा।
एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह कहते है कि अभी आंदोलन का संगत की आमद पर विशेष असर नहीं पड़ा है। बुकिंग भी 33 प्रतिशत से ज्यादा प्रभावित नहीं हुई है। अगर आंदोलन लंबा चला तो संगत की आमद व बुकिंग काफी कम हो जाएगी।