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हरियाणा बजट सत्र: गिरदावरी पर सदन में हंगामा, डिप्टी सीएम का जवाब-सभी को मुआवजा मिलेगा

Mon, 21 Mar 2022 03:35 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सोमवार को सदन में एनसीआर में बहुमंजिला इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बहस के दौरान हंगामा तय है।
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हरियाणा विधानसभा - फोटो : फाइल
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विस्तार
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बारिश, ओलावृष्टि व अन्य कारणों से खराब हुई फसलों की विशेष गिरदावरी कराने और किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का मामला हरियाणा विधानसभा में फिर गूंजा। विपक्षी दलों के सदस्यों ने एक-एक करके सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की फसलें अधिक खराब हुई हैं, जबकि अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। 

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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और पूर्व स्पीकर और कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान में आंकड़ों को लेकर तीखी बहस भी हुई। डिप्टी सीएम ने कहा कि जो विधायक नुकसान की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं, वे अपनी रिपोर्ट दे सकते हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। प्रश्नकाल के बाद बेरी से कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह कादियान ने सदन में आंकड़े पेश किए और कहा कि झज्जर जिले में 26 हजार से अधिक किसानों की फसलें खराब हुई हैं लेकिन सरकार यहां कम बता रही है। इसी बात का समर्थन करते हुए गीता भुक्कल ने झज्जर के किसानों के साथ भेदभाव बरतने के आरोप लगाए। 

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वह इसका जवाब पहले ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में दे चुके हैं। अभी जिलों से फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है। इसी को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। कादियान ने तर्क दिया कि जब रिपोर्ट पूरी नहीं आई तो इसे सदन में क्यों रखा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पहले भी उन्होंने ऐसा ही कहा था। जितनी रिपोर्ट आई है, वो सदन में रखी है, शेष रिपोर्ट भी सभी को भेज दी जाएगी। 

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वहीं, आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई ने भी कहा कि उनके हलके के किसानों को वर्ष 2020 की फसल खराब का मुआवजा नहीं मिल पाया है। सरकार में भागीदार जजपा के नारनौंद से विधायक रामकुमार गौतम ने भी विशेष गिरदावरी कराने की बात दोहराई। पुन्हाना से विधायक मोहम्मद इलियास ने फिर से मेवात के साथ भेदभाव के आरोप लगाए। इलियास ने कहा कि मेवात में अभी तक विशेष गिरदावरी शुरू नहीं हुई है। किरण चौधरी, अभय चौटाला समेत अन्य सदस्यों ने भी किसानों की बात रखी।

पांच दिन बाद भी नहीं बनी कमेटी
गोहाना और बरोदा हलके के गांवों में पानी निकासी के मामले में कमेटी बनाने के मामले को गोहाना के विधायक जगबीर मलिक ने रखा। मलिक ने बताया कि पांच दिन पहले डिप्टी सीएम ने कमेटी बनाने को कहा था लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कमेटी बनाने के लिए डीसी को आदेश दिए जा चुके हैं। 

सभी जिलों के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश: दुष्यंत चौटाला
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सभी 22 जिलों में विशेष गिरदावरी के आदेश दिए हैं। जिन विधायकों को यह लगता है कि पटवारी द्वारा तैयार की गई नुकसान रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं हैं तो वे अपने लेटर-हैड पर उन गांवों का नाम लिख कर एक प्रति जिला उपायुक्त और डिप्टी सीएम कार्यालय को दें, इसकी जांच कराई जाएगी। 

एक फरवरी से एक मार्च तक करवाई गई जनरल गिरदावरी की प्राथमिक रिपोर्ट आई है, विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट आने के बाद फाइनल रिपोर्ट आगामी विधानसभा सत्र से पहले ही बना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा करवा रखा था और उनकी पैदावार कम हुई है तो ऐसे किसानों को भी प्रतिपूर्ति की जाएगी।

कंप्यूटर शिक्षकों का अनुबंध आगे भी बढ़ाया जाएगा: दुष्यंत चौटाला
प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में अनुबंध के आधार पर नियुक्त कंप्यूटर शिक्षकों का अनुबंध 31 मार्च 2022 के बाद भी बढ़ाया जाएगा। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से परिवार पहचान पत्र के आधार पर नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले की यह कार्य क्रियान्वित किए जाने की संभावना है। विधायक रामनिवास के सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उक्त शिक्षकों के हरियाणा कौशल रोजगार निगम के पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है।
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निवास में पांच वर्ष की शर्त केवल रोजगार कानून और औद्योगिक नीतियों पर लागू
हरियाणा में निवास की आयु सीमा 15 से घटाकर 5 साल करने पर कांग्रेस के विधायक वरूण चौधरी ने सवाल उठाया। चौधरी ने कहा कि इससे न केवल प्रदेश की जनसंख्या बढ़ेगी, बल्कि बेरोजगारी और बढ़ेगी। जवाब में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में न्यूनतम पांच वर्ष का निवासी होने की शर्त को केवल ‘स्थानीय उम्मीदवारों के रोजगार अधिनियम, 2020’ के तहत राज्य के युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य और हरियाणा की औद्योगिक इकाइयों को रोजगार सृजन सब्सिडी के अनुदान के लिए लागू किया गया है। इससे बाहरी युवाओं को प्रदेश में कोई नौकरी नहीं मिली है। चौटाला ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में 15 वर्ष के निवास की शर्त प्रवेश, छात्रवृत्ति, बेरोजगारी भत्ता और सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के लिए अधिमान के उद्देश्य के लिए लागू होगी। 

खेल कोटा मामला सदन में गीता भुक्कल ने उठाया
प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों का कोटा खत्म करने का मुद्दा कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने सदन में उठाया। भुक्कल ने मांग की है कि इस फैसले को तुरंत प्रभाव से वापस लें। गौर हो कि पहले सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए तीन प्रतिशत आरक्षण था। लेकिन सरकार ने नई खेल नीति बनाई है, अब केवल उसके तहत ही खिलाड़ियों को नौकरियां दी जाएंगी। 
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