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राखीगढ़ी को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान, बनेगा म्यूजियम, यहीं मिली थी हजारों साल पुरानी सभ्यता

Sat, 01 Feb 2020 08:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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राखीगढ़ी। - फोटो : अमर उजाला
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सिंधू घाटी सभ्यता का एतिहासिक नगर राखी गढ़ी को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। हिसार जिले के नारनौंद हलके में स्थित करीब साढे़ पांच सौ एकड़ क्षेत्र में फैला यह इलाका हड़प्पा कालीन इतिहास को समेटे हुए हैं। इसी राखी गढ़ी को अब केंद्र सरकार विश्वस्तरीय पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित करेगी। 

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केंद्र सरकार के आम बजट में शनिवार को इसकी घोषणा की गई। इसके तहत देश भर में स्थानीय संग्रहालय वाले मॉडल स्थलों के रूप में पांच पुरातत्व स्थलों को विकसित किया जाएगा। जिसमें हरियाणा का राखी गढ़ी इलाका भी एक है। इसके अलावा पांच अन्य पुरातत्व स्थलों में उत्तर प्रदेश का हस्तिनापुर, असम का शिवसागर, गुजरात का धौलाविरा और तमिलनाडु का अदिचनल्लूर शामिल है।

राखी गढ़ी को केंद्र सरकार अब आर्कियोलॉजिकल साइट्स व ऑन-साइट्स म्यूजियम के तौर पर डेवलप करेगी। इस प्रोजेक्ट से इस क्षेत्र में पर्यटन बढे़गा और इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उल्लेखनीय है कि राखी गढ़ी क्षेत्र में कई टिल्ले हैं, जहां पुरातत्व विभाग खोदाई करवाता रहता है। यहां से हजारों साल पुरानी हड़प्पाकालीन सभ्यता के कई अवशेष व मानव कंकाल भी मिल चुके हैं।

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प्रदेश सरकार भी बना रही म्यूजियम, केंद्र की मदद सोने पर सुहागा

हरियाणा सरकार इस क्षेत्र में करीब 25 करोड़ की लागत से म्यूजियम बना रही है। लगभग दो साल पहले इस क्षेत्र में म्यूजियम बनाने का काम शुरू हुआ था। जो कि इसी साल पूरा होगा। म्यूजियम आधुनिक तरीके से बनाया जा रहा है। इसमें रेस्ट हाउस, हॉस्टल और एक कैफे का निर्माण भी किया जा रहा है। ऐसे में अब राखी गढ़ी को वर्ल्ड क्लास पुरातत्व एवं पर्यटन स्थल बनाने में केंद्र सरकार की मदद ‘सोने पर सुहागा’ जैसा काम करेगी।

राखी गढ़ी से सरकार को राजस्व-रोजगार वृद्धि की आस
 केंद्र सरकार की इस घोषणा से हरियाणा सरकार खासी उत्साहित है। सरकार को उम्मीद बंधी है कि राखीगढ़ी के विकास से प्रदेश के राजस्व में वृद्धि हो सकती है। सीएम मनोहर लाल ने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ा तोहफा बताते हुए कहा कि आम बजट में लिए गए इस फैसले से राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान तो मिलेगी ही, साथ ही इसके पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित होने से प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि होगी। उनके अनुसार यहां पर्यटकों के आने से गांव के युवाओं के लिए रोजगार के लिए अवसर भी सृजित होंगे। 

सीएम ने बताया कि हमारी सरकार भी राखी गढ़ी की वर्षों पुराने संस्कृति को संजोए रखने के लिए इस गांव को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कर रही है। सीएम ने बताया कि इसके अलावा हम प्रदेश में ‘इको-टूरिज्म’ को भी बढ़ावा दे रहे हैं और इस क्षेत्र में विदेशी निवेशक बहुत रुचि ले रहे हैं। बहुत से निवेशक इस इको-टूरिज्म को विकसित करने के लिए हमारे संपर्क में हैं। ग्रामीण पयर्टन को भी विकसित करने के लिए हम ‘फार्म टूरिज्म’ के विकास पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
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