दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले मेहमान खूबसूरत कल्पनाओं के साथ चंडीगढ़ आते हैं, प्रवेश द्वार पर वेलकम के टूटे अक्षर और हरियाली के लिए मशहूर शहर में झाड़ियां लोगों का स्वागत करती हैं। चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम से अनुरोध है कि शहर की मुंह दिखाई ही कम से कम ढंग की कर दी जाए। डॉ. अनीश गर्ग, मुख्य प्रवक्ता, क्राफ्ड।
घर की खूबसूरती उसके दरवाजे से होती है
हैरानी होती है जब स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले शहर चंडीगढ़ के प्रवेश द्वार ही उपेक्षा के शिकार हैं। अंदर की स्थितियों को समझना और भी आसान है। घर कितना भी खूबसूरत हो लेकिन बाहर का द्वार अगर बदसूरत है तो अंदर की सारी खूबसूरती बेकार है। -उमेश घई, महासचिव, क्राफ्ड।
रेहड़ियां देखकर रिश्तेदारों ने टोक दिया
कुछ दिन पहले मेरे रिश्तेदार पहली बार चंडीगढ़ आए। जीरकपुर से चंडीगढ़ आते समय प्रवेश द्वार पर सड़क के दोनों और गंदगी, अवैध रेहड़ियों को देख बहुत निराश हुए। उनसे ज्यादा निराशा मुझे हुई कि मैंने उन्हें चंडीगढ़ आने का न्योता दिया। - केएल सचदेवा, जनरल सेक्रेटरी, डुप्लेक्स हाउसिंग सोसायटी मनीमाजरा।
प्रवेश द्वारों का होगा सौंदर्यीकरण
शहर के प्रवेश द्वारों के सौंदर्यीकरण के लिए हमने योजना बनाई है। इस पर काम चल रहा है। योजना के तहत विभिन्न प्रवेश द्वारों को सुंदर बनाया जाएगा। जल्द ही इसको लेकर काम भी शुरू होगा। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन।