चलती बस में दो बहनों से छेड़छाड़ और मारपीट करने के मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप की मुसीबतें बढ़ गई हैं। सेना भर्ती की लिखित परीक्षा का रोल नंबर जारी करवाने के मामले में कुलदीप को कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी।
कुलदीप की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामले को लेकर मंगलवार शाम 4 बजकर 45 मिनट तक फैसला नहीं हो सका था। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 2 मार्च की तारीख मुकर्रर की है।
सेशन कोर्ट या हाईकोर्ट में जाने का विकल्प
कुलदीप के वकील संदीप राठी का कहना है कि अगर निचली अदालत ने कुलदीप की रोल नंबर दिलाने को लेकर याचिका खारिज कर दी गई तो वे सेशन कोर्ट या हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।
धमकी मामले में अभी fir नहीं, डीसी ने साधी चुप्पी
मामले में पीड़ित पक्ष सोनीपत के थाना कलां निवासी दोनों बहनों पूजा और आरती ने सोमवार को एक बुजुर्ग और महिला पर चलती बस में धमकाने का आरोप लगाया।
धमकाने के मामले में एसआईटी ने मंगलवार को भी अलग से एफआईआर दर्ज नहीं की। एसआईटी प्रमुख एवं डीएसपी यशपाल खटाना से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। केवल इतना कहा कि जांच कर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने लड़कियों की सुरक्षा में तैनात दोनों महिला पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। महिला पुलिसकर्मियों ने लड़कियों के सामने बस के अंदर कहासुनी की बात कही थी।
आसन में मुंगाण की सवारी भी उतरती हैं : सरपंच
आसन गांव के सरपंच राजसिंह का कहना है कि जरूरी नहीं है, जो बुजुर्ग और महिला आसन गांव के बस अड्डे पर उतरे वे गांव के ही हो। मुंगाण गांव की सवारियां भी आसन गांव के अड्डे पर उतरती हैं। दूसरा कोई रिश्तेदारी में भी आया हुआ हो सकता है।
वे गांव में एक सामूहिक कार्यक्रम में गए थे, लेकिन वहां पर मामले को लेकर किसी तरह की बात नहीं उठी। सरपंच का ये भी कहना है कि हो सकता है लड़कियां अपना पक्ष मजबूत करना चाहती हों, इसलिए इस तरह के आरोप लगा रही हैं।