टूटने की तरफ बढ़ रहे भाजपा-हजकां गठबंधन के बारे में हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष प्रो. रामबिलास शर्मा ने पहली बार बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि भाजपा ने हजकां को कभी भी विलय का प्रस्ताव नहीं दिया। शर्मा ने यह दावा वीरवार को फोन पर अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में किया।
विज्ञापन
शर्मा से सवाल किया गया था कि गठबंधन की क्या स्थिति है और क्या हजकां का भाजपा में विलय का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है? क्या हजकां को विलय का प्रस्ताव दिया है? शर्मा ने कहा भाजपा ने कभी भी हजकां नेतृत्व को विलय का प्रस्ताव नहीं दिया। जब प्रस्ताव ही नहीं दिया, तो चर्चा कैसे होती? विलय की बात केवल मीडिया की देन है।
उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच 45-45 सीटों पर गठबंधन हुआ था। मगर, लोकसभा चुनाव में भाजपा आठ लोकसभा सीटों में से सात और 72 विधानसभा सीटों में से 52 पर चुनाव जीती है। हजकां दोनों सीटें हार गई है।
विज्ञापन
समझौते के अनुसार कुलदीप बिश्नोई का नेतृत्व होना था
प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि परिस्थितियां बदल गई हैं और इस सच्चाई से सबको वाकिफ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती ने भी पहले नारा कुछ और दिया था, मगर राजनीतिक हालात के कारण उन्हें भी नारा बदलना पड़ा था। राजनीति में माहौल देखना पड़ता है। इसलिए जिन 45-45 सीटों पर समझौता हुआ था, उनमें अब बदलाव जरूरी है।
समझौते के अनुसार कुलदीप बिश्नोई का नेतृत्व होना था, मगर अब बदली परिस्थितियों में उसमें भी बदलाव होना है। शर्मा ने कहा कि फरीदाबाद में 220 सांसदों के दो दिवसीय प्रशिक्षण में भाजपा नेतृत्व व्यस्त रहेगा। उसके बाद 30 जून तक गठबंधन पर छाया संशय समाप्त कर देंगे। केंद्रीय नेतृत्व को हरियाणा भाजपा इकाई ने अपनी राय व्यक्त कर दी है।
इन बातों से नाराज है भाजपा नेतृत्व
प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के तीन बड़े नेता प्रधानमंत्री के तत्कालीन उम्मीदवार नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और लोकसभा में तत्कालीन विपक्ष की नेता सुष्मा स्वराज हरियाणा में चुनाव प्रचार करने आईं थीं।
मगर, तीनों नेताओं की रैली में हजकां अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई नहीं पहुंचे, जबकि उन्होंने बिश्नोई को आमंत्रित भी किया था। अब वे जिस रास्ते पर चल रहे हैं, उन्हें भगवान सद्बुद्धि दे।। उनके बड़े भाई चंद्रमोहन हर रोज ऐसे बयान दे रहे हैं, जिन्हें बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
हमें विलय का कोई प्रस्ताव नहीं मिला: चंद्रमोहन
पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन ने वीरवार को पूछने पर कहा, हमें भाजपा की तरफ से हजकां के विलय का कोई प्रस्ताव नहीं मिला। यह सब मीडिया की देन है। यदि प्रस्ताव आता भी, तो हमें वह मंजूर नहीं होता। हमारा गठबंधन 45-45 सीटों पर है। पहले ढाई साल का कार्यकाल हजकां का है और मुख्यमंत्री कुलदीप बिश्नोई होंगे। हम इस पर कायम हैं। इसमें किसी भी प्रकार का बदलाव हमें नामंजूर है। भाजपा को उन्हीं भावनाओं पर कायम रहना चाहिए, जिन पर यह गठबंधन हुआ था।’
भड़ाना भी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य चौधरी बीरेंद्र सिंह ने वीरवार को दिल्ली में फरीदाबाद के पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना से मुलाकात की। भड़ाना भी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ हैं। उन्होंने हार से पहले ही मुख्यमंत्री के नजदीकी लोगों पर हराने का आरोप जड़ दिया था। बीरेंद्र सिंह लगातार मुख्यमंत्री के नेतृत्व को चुनौती दे रहे हैं।
बीरेंद्र-भड़ाना के बीच हुई इस मुलाकात की कांग्रेस में बहुत चर्चा है। उधर, बीरेंद्र सिंह वीरवार को कांग्रेस नेता राशिद अल्वी से भी मिले। वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि सोनिया गांधी फिलहाल विदेश में हैं। उनसे मिलकर वे अपनी वह बात कहेंगे, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा कर रखी है।