चंडीगढ़। सेक्टर-29 में शनिवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस प्रत्याशी हरप्रीत कौर बबला के समर्थन में रैली की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चार हजार कर्मचारियों के घर का सपना छीन लिया। बिजली विभाग व सीटीयू के कर्मचारी के साथ ही इस बार चंडीगढ़ की जनता भी काफी आक्रोश में है। भाजपा बताए कि मूलभूत आवासीय समस्या से जूझते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों को सरकार ने किस कारण से सताया है।
रैली में विधायक ने कहा कि वर्ष 2008 में चार हजार मकान चंडीगढ़ प्रशासन ने कर्मचारियों के लिए निकाले थे। 2010 में इन मकानों को लेकर ड्रॉ निकाला गया, लेकिन सरकार कर्मचारियों की इस मूलभूत समस्या को हल करने में नाकाम रही है। वर्ष 2008 में जब कर्मचारियों ने चंडीगढ़ में अपना आशियाना बनाने का सपना संजोया था, तब थ्री बीएचके का फ्लैट 34 लाख, टू बीएचके का फ्लैट 24 लाख व वन बीएचके का फ्लैट 13 लाख रुपये में देने का वादा किया था। तब ईडब्ल्यूएस स्कीम के तहत वन बीएचके फ्लैट की कीमत 5 लाख तय हुई थी, लेकिन इसमें यह शर्त रखी गई थी कि आवेदन करने वाले कर्मचारी का मकान ट्राइसिटी में नहीं होना चाहिए। 2014 में लोकसभा के चुनावों के दौरान भाजपा ने जरूरतमंद लोगों से वादा किया कि इस मामले को हल करके उन्हें घर आवंटित किए जाएंगे, लेकिन आठ साल में भी यह वादा पूरा नहीं हुआ। आज फ्लैटों की कीमतें करोड़ों में है। निगम चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।