लोकसभा सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद हरियाणा भाजपा की दिशा तय हो जाएगी। लिहाजा हरियाणा भाजपा नेताओं को 14 जून का इंतजार है। हरियाणा के शीर्ष नेताओं को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया था।
शाम छह बजे हरियाणा के मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन किसी कारण से बैठक स्थगित कर दी गई। लिहाजा अब 14 जून पर भाजपा नेताओं की नजरें टिकी हैं। लोकसभा चुनाव के बाद से अब तक पार्टी के नेताओं की केंद्रीय नेतृत्व के साथ कोई बैठक नहीं हुई है।
भाजपा-हजकां गठबंधन पर भी पुनर्विचार
14 के बाद भाजपा-हजकां गठबंधन पर भी पुनर्विचार होगा, साथ ही हरियाणा भाजपा का चेहरा भी तय हो सकता है। सोमवार को होनेवाली बैठक में हरियाणा के सभी भाजपा सांसदों, पार्टी के सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष, नेता विधायक दल, संगठन मंत्री और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों को बुलाया गया था।
अकेले चुनाव लड़ने की सलाह
उधर, हरियाणा भाजपा के अधिकतर नेता पार्टी को अकेले चुनाव लड़ने की सलाह दे रहे हैं। 45-45 सीटों के बंटवारे पर इन नेताओं ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
साथ ही पार्टी के सामने यह तर्क रखा है कि भाजपा का हरियाणा में वोट शेयर बढ़ा है। 52 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। नेताओं ने कहा है कि गठबंधन पर पुनर्विचार करना बहुत जरूरी है, क्योंकि हजकां लोकसभा की दोनों सीटें गवां चुकी है।
गठबंधन पर पुनर्विचार करना जरूरी
संसद का सत्र समाप्त होने के बाद हरियाणा से संबंधित सभी मुद्दों पर निर्णय हो जाएगा। समय आ गया है कि मुख्यमंत्री भाजपा से हो। गठबंधन पर पुनर्विचार करना जरूरी है।
- अनिल विज, नेता भाजपा विधायक दल।