पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ छेड़ी मुहिम के तहत दवा की दुकानों की चेकिंग का अधिकार पुलिस को दे दिया है। जिससे दवा विक्रेताओं में रोष है। उन्होंने इसके खिलाफ बारह जून को मुकम्मल हड़ताल करने का ऐलान किया है। राज्य की सभी केमिस्ट शॉप बारह को दिनभर बंद रहेंगी। इमरजेंसी में भी दवाएं नहीं मिलेंगी।
सिर्फ ड्रग इंस्पेक्टरों के पास रहें अधिकार
दवा विक्रेताओं का कहना है कि केमिस्ट शॉप ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के दायरे में आती हैं। इस कानून के तहत इनकी चेकिंग का अधिकार सिर्फ ड्रग इंस्पेक्टरों को है। राज्य सरकार को इस एक्ट में तब्दीली का अधिकार नहीं है। पुलिस को चेकिंग का अधिकार दिए जाने से शोषण और भ्रष्टाचार बढ़ेगा।
पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरजीत मेहता ने कहा कि आजादी के बाद से पुलिस को अफीम, भुक्की आदि की रोकथाम के लिए कार्रवाई करने का अधिकार मिला हुआ है। अब तक पुलिस वह काम तो ठीक से कर नहीं पाई। अब केमिस्ट शॉप की चेकिंग पुलिस करेगी तो आम दुकानदारों का शोषण होगा, भ्रष्टाचार बढ़ेगा। पुलिस की शह पर गलत लोग नशीली दवाओं का कारोबार करेंगे।
गुरदासपुर में हो चुका है हंगामा
शनिवार को गुरदासपुर में पुलिस कुछ दुकानों की चेकिंग को पहुंच गई, खासा हंगामा खड़ा हो गया। ऐसा रहा तो लोग केमिस्ट शॉप खोलना बंद कर देंगे। मेहता ने बताया कि इस संबंध में सेहतमंत्री सुरजीत ज्याणी से मिले।
उन्होंने मुख्यमंत्री से बात करने का भरोसा दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। केंद्रीय सेहतमंत्री से लेकर सीएम तक को पत्र लिख चुके हैं। बारह जून को विरोध में पंजाब के करीब 31,400 केमिस्ट दुकानें बंद रखेंगे। जिला मुख्यालयों पर डीसी और सिविल सर्जन को मांग पत्र देंगे। फिर भी सरकार न मानी तो क्रमवार भूख हड़ताल करेंगे।
नशीली दवाओं पर बैन लगा दे सरकार
पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरजीत मेहता ने कहा कि सरकार ने पांच-छह दवाओं पर पहले ही प्रतिबंध लगाया हुआ है। क्योंकि इनके नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका है।
सरकार चाहे तो ऐसी 20-25 दवाओं पर बैन ही लगा दे। ताकि आम केमिस्ट शांति से कारोबार कर सकें। लोगों को भी परेशानी न झेलनी पड़े।