कैबिनेट मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह
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मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह कोई साधु-संत नहीं हैं और राजनीति में बाबा बनने नहीं आए हैं। उनकी भी महत्वाकांक्षा है। यहां अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने इशारों में ही सही मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा का इजहार कर दिया। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि पत्रकार अकसर उनसे मुख्यमंत्री बनने के बाबत सवाल पूछते हैं।
इसका जवाब ये है कि वह बाबा बनने के लिए राजनीति नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य के गठन के बाद से ही जिले के साथ भेदभाव हुआ है। जिले के साथ खिलवाड़ करने के दोषी राजनीतिक लोग हैं और उन राजनीतिक दोषियों में से एक मैं भी खुद हूं। नेताओं की राजनीतिक फूट भी इसका कारण रही है।
जिले के वोटर ने भी कभी कोई निर्णायक भूमिका नहीं निभाई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की अढ़ाई लाख पंचायतों को दो लाख 292 करोड़ रुपये की राशि सीधे खाते में दी जाएगी, ताकि पंचायत विकास कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि विकास के मामले में हरेक गांव में प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में 465 रुपये आएंगे।
इससे पहले जिला परिषद की चेयरपर्सन पद्मा सिंगला के नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने निर्वाचन प्रणाली में सुधार की जरूरत बताते हुए कहा जिला परिषद, पंचायत समिति व नगरपालिकाओं में सदस्यों के माध्यम से अपने अध्यक्ष का चुनाव करना बंद कर दिया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया में पैसे का सौदा चलता है, जोकि स्वच्छ प्रजातंत्र के लिए सही नहीं है। जनता को ही सीधे चेयरपर्सन चुनने देना चाहिए।