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ढिल्लों ब्रदर्स आत्महत्या केस: मजीठिया बोले- 25 दिन से SHO नवदीप फरार, ये विधायक और एसीपी की मेहरबानी

Mon, 11 Sep 2023 05:57 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

एसीपी जालंधर सेंट्रल निर्मल सिंह ने विक्रम मजीठिया के आरोपों पर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। एसीपी ने कहा कि वह अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाते आ रहे हैं और आगे भी निभाएंगे।
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जालंधर में प्रेसवार्ता करते बिक्रम सिंह मजीठिया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ढिल्लों भाइयों की आत्महत्या के बाद इंस्पेक्टर नवदीप की गिरफ्तारी न होने पर सोमवार को शिअद के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पुलिस के अधिकारियों और जालंधर सेंट्रल के विधायक रमन अरोड़ा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आपसी मिलीभगत का आरोप लगाया। कहा कि इंस्पेक्टर नवदीप सिंह सस्पेंड और लाइन हाजिर होने के बावजूद इसलिए बार-बार शहर के थानों में लगाया जा रहा था क्योंकि उसकी आप विधायक रमन अरोड़ा और नशा तस्करों से साठगांठ थी।

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उन्होंने आरोप लगाया कि नवदीप की शराब तस्कर सोनू टैंकर के साथ भी हिस्सेदारी है। इसमें विधायक रमन अरोड़ा भी शामिल हैं। तभी तो यह सब मिलकर उसका बर्थडे केक काटने जाते हैं। बर्थडे केक काटने की फोटो भी सार्वजनिक की। मजीठिया ने कहा कि एसएचओ नवदीप का जालंधर ही नहीं अन्य जिलों में भी विवादित रिकॉर्ड रहा है। जब उन्हें कमिश्नरेट पुलिस ने थाना रामामंडी, थाना 8 और थाना 1 में तैनात किया, वहां नेताओं से सांठगांठ और तस्करों से संबंध रहे। नवदीप पहले भी डिसमिस हो चुका है और जब वह ऑस्ट्रेलिया गया, वहां पर अपनी कारगुजारियों के कारण डिपोर्ट हो गया था।

मजीठिया ने आरोप लगाया कि नवदीप के कहने पर विधायक ने निर्मल सिंह को जालंधर सेंट्रल का एसीपी लगाया। जब नवदीप सिंह रामामंडी थाने में तैनात था तो वहां पर एक निजी स्कूल में 32 लाख रुपये की चोरी हुई थी। उस केस में पुलिस के मुलाजिमों ने आठ लाख की रिकवरी दिखाई थी और शेष पैसा खुर्द बुर्द कर दिया था। इस केस में एएसआई मनीष को नामजद कर लिया गया था, जबकि तत्कालीन थाना प्रभारी नवदीप केस में से साफ निकाल कर लाइन हाजिर कर बचा लिया गया था। 

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उन्होंने कहा कि नवदीप को बचाने में जालंधर सेंट्रल के विधायक रमन अरोड़ा का हाथ था। कुछ दिन लाइन में रखने के बाद फिर से उसे सरकार की कृपा से शहर में ही थाना प्रभारी लगा दिया गया। मजीठिया ने कहा कि एक थाना प्रभारी शहर के पॉश एरिया सूर्या इंक्लेव में दो करीब करोड़ रुपये की लागत से बनी कोठी में रहता है, उसके पास इतना पैसा आ कहां से रहा है। यह सारा पैसा नशा तस्करों की मिलीभगत से उसके पास आ रहा है। उन्होंने कहा कि नवदीप को इसलिए नहीं पकड़ा जा रहा क्योंकि नेताओं के हाथ नवदीप के साथ हैं। उसे फरार हुए 25 दिन हो गए हैं लेकिन उसकी सम्मानित किए जाने की फोटो अभी तक थाने से हटाई नहीं गई है।

विधायक रमन अरोड़ा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके विधानसभा में जो पुलिस अधिकारी होंगे उनसे बात कर लोगों के कामों का फीडबैक लेना उनकी जिम्मेदारी है, जो खुद नशे के केस में जेल में रहा हो, उससे इसी तरह की बातों की अपेक्षा की जा सकती है।

वहीं, एसीपी जालंधर सेंट्रल निर्मल सिंह ने विक्रम मजीठिया के आरोपों पर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। एसीपी ने कहा कि वह अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाते आ रहे हैं और आगे भी निभाएंगे।
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