जालंधर में जंग-ए-आजादी के निर्माण में फंसे सूबे के एक पत्रकार और उनके समर्थन में इकट्ठा हुए विपक्ष के नेताओं पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को काव्यात्मक अंदाज में तीखा हमला बोला। उनके ट्वीट करने के कुछ देर बाद अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने एक ही सुर में सीएम को जवाब दिया।
मान ने मजीठिया व सिद्धू का नाम लिए बिना उन पर तंज कसते हुए कहा कि जनरल डायर को रोटियां खिलाने वाले, धार्मिक स्थानों पर टैंक चढ़ाने वाले, गुरु साहिब जी की बेअदबी करवाने वाले देश को धर्म के नाम पर लड़ाने वाले, तस्करों को गाड़ियों में बैठाने वाले, बात-बात पर ताली ठुकवाने वाले, शहीदों की यादगारों से पैसे कमाने वाले सभी एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।
उन्होंने भाजपा पर धार्मिक आधार पर विभाजन पैदा करने और किसान विरोधी कानूनों के लिए भी निशाना साधा। इसके कुछ देर बाद सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने ट्वीट की सराहना करते हुए लिखा कि इसे कहते हैं, कुजे में समंदर बंद करना।
मजीठिया ने लिया निशाने पर
वहीं, मजीठिया ने शराब पीकर ट्वीट करने, शहीद स्मारक पर राजनीति करने, श्री दरबार साहिब पर हमले के लिए जिम्मेदार परिवार को गले लगाने और गुरुद्वारों पर धारा 144 लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने बच्चों को छोड़ने, एनएसए के तहत युवाओं को फंसाने, सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापस लेने और गैंगस्टर लॉरेंस को टीवी पर इंटरव्यू देने पर मान की आलोचना की। उन्होंने पंजाब पर 45,000 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ डालने, कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारुचक के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर भी मान की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
सिद्धू भी कूदे मैदान में
इस ट्विटर युद्ध में नवजोत सिंह सिद्धू भी कूद गए। उन्होंने सीएम की फोटो ट्वीट करते लिखा कि भगवान आपका भला करे। छोटे भाई भगवंत मान, जब तू शहीदों वाली पगड़ी का दिखावा नहीं करता, मैं तब भी और आज भी तुझे छोटा भाई मानकर तेरा शुभचिंतक हूं लेकिन अब सीएम साहब का रंग गिरगिट की तरह बदल गया। लड़ाई पंजाब की है, पंजाब के साथ खड़े हो। माफिया के पास गिरवी न रख, खुद को न बेच। नए मुकाम पैदा कर। सुबह शाम पैदा कर।