पता चला कि आरोप सही है। इन सात आरोपियों के अलावा 12 नगर निगम के मुलाजिमों की मिलीभगत सामने आ रही है, जिन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। आरोपियों पर लगे आरोप सही पाए जाने पर तुरंत पुलिस शिकायत देकर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। नगर निगम अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान पता चला कि गबन के मामले में दस्तावेजों से भी छेड़छाड़ हुई है। उस समय के मेडिकल अफसर को भी जांच के घेरे में ले लिया गया है।
उधर, निगम कमिश्नर संदीप ऋषि ने इस मामले में बाहर से ऑडिट करवाने की सिफारिश भी की है। उनके मुताबिक 2021 से 2023 के बीच जितनी भी पेमेंट हुई है उसकी जांच होगी। आरोपियों से निगम के पैसे की वसूली भी की जाएगी। उधर, थाना डिवीजन पांच के एसएचओ इंस्पेक्टर जगजीत सिंह ने बताया कि आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी तलाश में दबिश शुरू कर दी गई है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।