पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
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संविधान ने दिया सभी को अभिव्यक्ति का अधिकार
कुमार विश्वास के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बिना लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती है। भारत में हर व्यक्ति को आरंभ से ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता रही है। नास्तिक और आस्तिक दोनों विचारों का सम्मान है। याचिकाकर्ता एक सामाजिक शिक्षक और जब वह अपने ही पूर्व साथी पर कोई टिप्पणी करता है तो उसे जहर उगलना नहीं कहा जा सकता और न ही उसके बयान को सांप्रदायिक आधार पर बांटने वाला कहा जा सकता है। उनके मामले में कोर्ट का दखल न देना इंसाफ की हत्या जैसा होगा।
बग्गा की गिरफ्तारी पर हुआ था बड़ा विवाद
दिल्ली के युवा भाजपा नेता तजिंदर बग्गा को हिरासत में लेने वाली पंजाब पुलिस पार्टी को हरियाणा में हरियाणा पुलिस ने रोक लिया था। हाईकोर्ट ने इस पर हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था कि कैसे पंजाब पुलिस के अधिकारियों को कुरुक्षेत्र में रोक लिया गया। इसके बाद हरियाणा सरकार ने बताया कि उन्हें दिल्ली पुलिस से मैसेज मिला था कि द्वारका कोर्ट ने बग्गा के पिता की शिकायत पर सर्च वारंट जारी किए हैं, वाहनों के नंबर बताए गए थे, जिनमे बग्गा को लाया जा रहा था। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने कुरुक्षेत्र के खान कोहलियां में उन वाहनों को रोका और बाद में जब दिल्ली पुलिस ने सर्च वारंट दिखाए तो बग्गा की कस्टडी दिल्ली पुलिस को दे दी गई। पंजाब पुलिस के किसी अधिकारी को डिटेन नहीं किया गया और अब पंजाब पुलिस के अधिकारी भी जा चुके हैं।