पंजाब में 2017 में हुए करोड़ों के सिंचाई घोटाले की जांच विजिलेंस द्वारा दोबारा आरंभ करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व आईएएस अधिकारी केबीएस सिद्धू को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है।
पूर्व आईएएस सिद्धू ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर को भी रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और मोहाली की कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है। इस पूरे केस में दर्ज की गई एफआईआर में उनका नाम नहीं था। उनका नाम इस घोटाले के मुख्य आरोपी के बयान के बाद दर्ज किया था और जिस केस में चालान पेश किया जा चुका है उसकी दोबारा जांच सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि उनके खिलाफ अब लुकआउट सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। ऐसे में उन्होंने इस केस की दोबारा जांच और उनके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर के आदेश को रद्द करने की हाईकोर्ट से मांग की है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है और फरवरी तक उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है। साथ ही पंजाब सरकार को इस केस की जांच की स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।