एक सप्ताह पहले पंजाब बॉर्डर से इनोवा कार छीनने वालों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पठानकोट के माधोपुर से इनोवा छीनने वाले आतंकी नहीं बल्कि गैंगस्टर थे, सीसीटीवी फुटेज को पुलिस ने अपने एप (पायस) में डाला तो उनमें से एक की पहचान जालंधर के गैंगस्टर अमनदीप अमना के रूप में हुई। पुलिस ने एप में सेव अमना की फोटो इनोवा के ड्राइवर को दिखाई तो राजकुमार ने उसे पहचान लिया।
फिलहाल पुलिस इस बात से संतुष्ट है कि यह कोई आतंकी घटना नहीं थी, लेकिन मौजूदा समय में पंजाब के गैंगस्टरों और पाक आतंकियों के संबंधों के मामले उजागर होने से पुलिस इसे हलके में नहीं लेना चाहती। जानकारी के मुताबिक लुटेरों ने पकड़े जाने के डर से इनोवा को मानसर-टांडा के बजाय हाजीपुर-तलवाड़ा-जालंधर के रास्ते निकाला है।
लुटेरों को काबू करने के लिए हाथ-पांव मार रही पुलिस ने तीसरे दिन भी जालंधर व अन्य जगहों पर छापेमारी जारी रखी लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा। पुलिस के आला अफसरों का कहना है कि आरोपियों को काबू करने के लिए अमना बड़ी कड़ी सिद्ध हो सकता है। जालंधर निवासी गैंगस्टर अमनदीप उर्फ अमना पहले भी कई क्रिमिनल वारदात में संलिप्त रहा है।
अमृतसर हमले के बाद धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगे
निरंकारी भवन अमृतसर में हुए आतंकी हमले के बाद धार्मिक स्थलों के बाहर जहां पिछले कुछ दिनों से जिला पुलिस की लगातार तैनाती बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन की ओर से धर्म स्थल प्रमुखों से की गई अपील के बाद अब सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो गई है। जिला प्रशासन की अपील के बाद निरंकारी भवन पठानकोट सहित शहर के अन्य डेरे तथा मंदिरों में लगभग हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं ताकि भविष्य में यदि ऐसी कोई असामाजिक गतिविधि होती है तो इनकी सहायता से आरोपियों तक पहुंचा जा सके।