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गोपाल कांडा ने ऐसा क्या कहा, हैरान रह गए हुड्डा

Thu, 15 May 2014 12:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने पूर्व राज्यमंत्री गोपाल कांडा के बयान पर हैरानी जताई है। कांडा के मंत्रियों के फोन टैप करने के आरोप पर सीएम ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि वे इतने साल बाद यह आरोप लगा रहे हैं।
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मंत्री रहते हुए तो उन्होंने ऐसा नहीं कहा था। उन्होंने सवालिया जवाब में कहा कि कौन फोन टैप कर रहा है, कहां कर रहा है? मुख्यमंत्री ने कहा कि सतलुज यमुना लिंक नहर न बनने के लिए इनेलो जिम्मेवार है। जब राजीव गांधी-लौंगोवाल समझौता हुआ तब इनेलो नेताओं ने विरोध किया था।

अगर वे विरोध न करते तो अब तक एसवाईएल नहर बन चुकी होती और हरियाणा को अपने हिस्से का पानी मिल रहा होता। यह प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बात करते हुए जताई। हरियाणा सरकार एसवाईएल नहर बनाने के लिए वचनबद्ध है।
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एसवाईएल के लिए इनेलो जिम्मेवार

मुख्यमंत्री ने कहा कि एग्जिट पोल पर वे विश्वास नहीं करते क्योंकि 2004 और 2009 के एग्जिट पोल भी गलत निकले थे। लोकसभा चुनाव परिणाम का विधानसभा चुनाव पर असर पड़ने के सवाल पर कहा कि विधानसभा चुनाव अलग होते हैं।

अलबत्ता 1999 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की एक भी सीट नहीं आई थी मगर 2004 में नौ सीटें आई थीं। सीएम ने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव समय पर होंगे। समय से पहले करवाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। अलबत्ता, कांग्रेस वर्करों को एकजुट होकर चुनाव लड़ने के लिए कहा गया है।

विनोद शर्मा के अंबाला शहर में विकास कार्य न करवाने के आरोप पर सीएम ने कहा उन्हीं से पूछो। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरियाणा को विकास के मानदंडों में अग्रणीय स्थान दिलाया है।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की अगली बैठक में टोल नीति मंजूर की जाएगी। बुधवार की बैठक में आदर्श चुनाव आचार संहिता के कारण एजेंडा बैठक में नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल बैठक बुलाना आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है।
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इनेलो को ज्ञान ही नहीं

इनेलो के इस आरोप कि गुड़गांव में वन विभाग की जमीन का तबादला कर दिया है पर सीएम ने कहा कि इनेलो नेताओं को ज्ञान ही नहीं है। वन विभाग की कोई जमीन उपयोग के लिए परिवर्तित नहीं की है और न ही भविष्य में की जाएगी।

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी लिए बगैर गुड़गांव की विकास योजना में बदलाव के आरोप पर सीएम ने कहा कि विकास योजना बनाना राज्य सरकार का अधिकार है।

राज्य सरकार ने तो छोटे-छोटे शहरों की विकास योजना तैयार की है ताकि अवैध कालोनियां विकसित न हो और योजनाबद्ध विकास हो सके।
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