दलित और आदिवासी संगठनों ने बुधवार को 'भारत बंद' का आह्वान किया है। पंजाब में इसका खास असर नहीं दिखा। नवांशहर, अबोहर में बाजार खुले रहे। जालंधर में दलित संगठनों ने रोष प्रदर्शन किया।
भारत बंद का अबोहर में कोई असर देखने को नहीं मिला। एससी/एसटी समुदाय के पदाधिकारियों ने शहर में लोगों से दुकानें बंद रखने की अपील की, लेकिन अबोहर के बाजार पूरी तरह खुले रहे। शहर की सभी दुकानें रूटीन की भांति निर्धारित समय पर खुल गई और पूरा दिन खुली रहीं। वहीं भारत बंद के आह्वान को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में रहा, जिसके चलते शहर के विभिन्न एरिया में पुलिस की गश्त जारी रही।
सभी रेलगाड़ियां अपने सभी रूटों पर निर्धारित समय पर चलती रहीं तो वहीं जीआरपी पुलिस द्वारा यात्रियों के सामान की भी चेकिंग की गई, जबकि बस अड्डे पर भी बसों का आवागमन रूटीन की भांति जारी रहा और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
जालंधर के बाजारों में तो बंद का असर नामात्र ही देखने को मिला है। लगभग सारे शहर में रोजाना की तरह दुकानदारों ने दुकानें खोली व अपना कारोबार किया। हालांकि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर प्राइवेट स्कूलों ने पहले ही छुट्टी का ऐलान कर दिया था। इसके अलावा सरकारी स्कूल व कालेज खुले रहे। दरअसल इस बंद को लेकर जालंधर में दलित समुदाय एकजुट नहीं था।