खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पंजाब की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। सपने में भी ऐसा सोचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पंजाब की सभ्याचारक सांझ को तोड़ने के प्रयास किए जाते रहे हैं लेकिन इस कोशिश में लगे लोग कामयाब नहीं हो पाएंगे।
उन्होंने अमृतपाल का नाम लिए बिना कहा कि इस मामले में पंजाब सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने डीजीपी को हिदायत दी है कि इस मामले में जो लोग एहतियात के तौर पर पुलिस ने हिरासत में लिए थे लेकिन पुलिस जांच में उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है ऐसे लोगों को रिहा किया जाए। अब तक कई लोगों को छोड़ा जा चुका है। केवल उन्हीं लोगों पर कार्रवाई हो रही है, जिन्होंने कानून के विपरीत जाकर काम किया है।
अमृतसर: अमृतपाल के एक और साथी को न्यायिक हिरासत में भेजा
अमृतपाल सिंह के एक अन्य साथी हरकरन सिंह को सोमवार स्थानीय अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी अजनाला के कोटली अंब का रहने वाला है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। शिरोमणि अकाली दल के वकील बिक्रमजीत सिंह बाठ ने कोर्ट में हरकरन सिंह के केस की पैरवी की।
अमृतपाल के 19 समर्थक और रिहा
पंजाब पुलिस ने 19 मार्च को लुधियाना-बठिंडा राजमार्ग ठप करने वाले अमृतपाल के 21 समर्थकों में से 19 को रिहा कर दिया गया है। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले गुरुद्वारा दमदमी टकसाल बोपाराय कलां के मुख्य प्रबंधक संत बाबा जरनैल सिंह उर्फ हरजीत सिंह और बचित्तर सिंह को कोई राहत नहीं मिली है। उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा। रिहा किए गए लोगों ने शांति बनाए रखने का भरोसा दिया है और गणमान्य लोगों ने भी इस बात की गारंटी ली है। पुलिस ने अमृतपाल के 353 समर्थक गिरफ्तार किए थे। इनमें से 216 समर्थक रिहा किए जा चुके हैं।