फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab News: सीएम भगवंत मान का आदेश- जीरा में शराब फैक्टरी तत्काल होगी बंद, पर्यावरण से खिलवाड़ की इजाजत नहीं

Tue, 17 Jan 2023 02:50 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की हवा खराब करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। इसलिए कानूनी जानकारों से राय मशविरा कर जनहित में बड़ा फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
सीएम भगवंत मान - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को फिरोजपुर के जीरा में स्थित बहुचर्चित मार्लबोरो शराब फैक्टरी को तत्काल प्रभाव से बंद करने का एलान किया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसी भी व्यक्ति को चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे पर्यावरण के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा, जो भी राज्य सरकार की तरफ से निर्धारित नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। यह फैसला पर्यावरण और कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। शराब फैक्टरी के खिलाफ आसपास के गांव के लोग पिछले छह महीने से धरने पर बैठे हैं।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि फैक्टरी से इलाके का वातावरण संतुलन बिगड़ सकता था। पर्यावरण और मानवीय जीवन पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत प्रभाव से इसे बंद करने का फैसला किया है। जीरा के विधानसभा क्षेत्र मंसूरवाल गांव में बनी इस फैक्टरी को मालब्रोस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड चला रही थी।

कैंसर व पीलिया बीमारी फैलने का आरोप
जीरा शराब फैक्टरी को बंद करवाने के लिए किसान संगठन 24 जुलाई 2022 से धरने पर बैठे थे। किसान संगठनों का आरोप कि फैक्टरी के दूषित पानी से जीरा और उसके आस-पास के गांवों में भूमिगत जल जहरीला हो रहा था। गांव के लोग कैंसर, काला पीलिया जैसी बीमारियों की चपेट में आने लगे थे। आंदोलन के दौरान करीब एक हजार किसानों पर मामले भी दर्ज हुए।

विज्ञापन



 
Trending Videos
विज्ञापन

सरकार पर 20 करोड़ का जुर्माना 
जीरा शराब फैक्टरी का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भी पहुंचा। हाईकोर्ट ने फैक्टरी गेट के पास प्रदर्शनकारियों को न उठाने पर पंजाब सरकार को 20 करोड़ रुपये का जुर्माना तक लगा दिया था। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि प्रदर्शनकारियों को फैक्टरी से 300 मीटर दूर किया जाए। करीब 40 गांवों के लोगों ने पक्का मोर्चा शराब फैक्टरी के बाहर लगाया था। 

कंपनी ने अदालत में दी यह दलील
शराब फैक्टरी चलाने वाली कंपनी ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा कि इस यूनिट को लगाने में 300 करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं। 200 करोड़ बाजार से उठाए गए थे। फैक्टरी चलाने और स्टाफ पर डेढ़ करोड़ का खर्च है और दो करोड़ रुपये प्रति माह किस्त देनी पड़ती है। सरकार प्रदर्शनकारियों से मिली हुई है। इस कारण हर महीने उनका करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

ये जीत अभी अधूरी है: संयुक्त किसान मोर्चा 
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि ये जीत अभी अधूरी है, क्योंकि सीएम ने ये भी कहा है कि अगली लड़ाई अदालत में होगी। इसीलिए सभी जत्थेबंदियों के नेताओं संग बैठक करने के बाद अगला फैसला लेंगे। जब तक पूर्ण तौर पर फैक्ट्री बंद नहीं होती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलदेव सिंह जीरा ने कहा कि सीएम भगवंत मान के फैक्ट्री बंद करने के आदेश का सभी जत्थेबंदी स्वागत करती हैं और मान का धन्यावाद करती है। बलदेव ने कहा कि ये जीत अभी अधूरी है, क्योंकि सीएम ने ये भी कहा कि अब ये मामला अदालत में जाएगा। 

जालंधर उपचुनाव को देख सीएम ने लिया फैसला: पंधेर
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर के उपचुनाव को देख जीरा शराब फैक्ट्री बंद करने का फैसला लिया है। अगर मान किसानों संग होते तो ये फैसला बहुत पहले ले सकते थे। पंधेर ने कहा कि पंजाब सरकार शराब फैक्ट्री नीलाम करके आसपास के गांवों के ग्रामीणों का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाए। पूरे पंजाब में जो भी फैक्ट्री प्रदूषण फैला रही है, सरकार कमेटी गठित करके उनके खिलाफ बनती कार्रवाई करे। ये पंजाब की सभी किसान जत्थेबंदी व संयुक्त किसान मोर्चा की जीत है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें