सरकार पर 20 करोड़ का जुर्माना
जीरा शराब फैक्टरी का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भी पहुंचा। हाईकोर्ट ने फैक्टरी गेट के पास प्रदर्शनकारियों को न उठाने पर पंजाब सरकार को 20 करोड़ रुपये का जुर्माना तक लगा दिया था। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि प्रदर्शनकारियों को फैक्टरी से 300 मीटर दूर किया जाए। करीब 40 गांवों के लोगों ने पक्का मोर्चा शराब फैक्टरी के बाहर लगाया था।
कंपनी ने अदालत में दी यह दलील
शराब फैक्टरी चलाने वाली कंपनी ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा कि इस यूनिट को लगाने में 300 करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं। 200 करोड़ बाजार से उठाए गए थे। फैक्टरी चलाने और स्टाफ पर डेढ़ करोड़ का खर्च है और दो करोड़ रुपये प्रति माह किस्त देनी पड़ती है। सरकार प्रदर्शनकारियों से मिली हुई है। इस कारण हर महीने उनका करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
ये जीत अभी अधूरी है: संयुक्त किसान मोर्चा
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि ये जीत अभी अधूरी है, क्योंकि सीएम ने ये भी कहा है कि अगली लड़ाई अदालत में होगी। इसीलिए सभी जत्थेबंदियों के नेताओं संग बैठक करने के बाद अगला फैसला लेंगे। जब तक पूर्ण तौर पर फैक्ट्री बंद नहीं होती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलदेव सिंह जीरा ने कहा कि सीएम भगवंत मान के फैक्ट्री बंद करने के आदेश का सभी जत्थेबंदी स्वागत करती हैं और मान का धन्यावाद करती है। बलदेव ने कहा कि ये जीत अभी अधूरी है, क्योंकि सीएम ने ये भी कहा कि अब ये मामला अदालत में जाएगा।
जालंधर उपचुनाव को देख सीएम ने लिया फैसला: पंधेर
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर के उपचुनाव को देख जीरा शराब फैक्ट्री बंद करने का फैसला लिया है। अगर मान किसानों संग होते तो ये फैसला बहुत पहले ले सकते थे। पंधेर ने कहा कि पंजाब सरकार शराब फैक्ट्री नीलाम करके आसपास के गांवों के ग्रामीणों का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाए। पूरे पंजाब में जो भी फैक्ट्री प्रदूषण फैला रही है, सरकार कमेटी गठित करके उनके खिलाफ बनती कार्रवाई करे। ये पंजाब की सभी किसान जत्थेबंदी व संयुक्त किसान मोर्चा की जीत है।