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राष्ट्रीय खेलों से पहले ओलंपिक संघों के झगड़े के आसार

Mon, 18 Apr 2016 05:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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स्पोर्ट्स
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भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से हरियाणा को राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का आफर दिए जाने से प्रदेश सरकार उत्साहित है। प्रदेश के खेल मंत्री अनिल विज ने तो राज्य में ओलंपिक की मेजबानी के लिए ढांचा विकसित करने की भी बात कह दी है, लेकिन राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में ही सबसे बड़ा पेंच राज्य में चल रहे तीन ओलंपिक संघ हैं। समस्या यह है कि इन तीनों संघों में राष्ट्रीय खेल की मेजबानी का जिम्मा किसे दिया जाए? क्योंकि कोई भी संघ दावेदारी से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
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माना जा रहा है कि अगर समय रहते सरकार ने यह समस्या नहीं सुलझाई तो राष्ट्रीय खेलों से पहले ओलंपिक संघों का झगड़ा तेज हो जाएगा। हालांकि इसका केस पहले से ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है। दूसरी ओर विवाद की स्थिति को देखते हुए खुद राज्य सरकार ने ही आईओए को पत्र लिखकर तीनों ओलंपिक संघों की मान्यता रद्द करने को कहा है, जिसका कोई जवाब अभी तक सरकार को नहीं मिला है।

गोवा की ओर से पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का हवाला देते हुए इस साल के राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी से इंकार करने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ ने हरियाणा को यह अवसर दिया है। फिलहाल इस पेशकश पर सरकार खुश तो है, लेकिन सरकार के सामने असमंजस इस सवाल को लेकर है कि आखिर प्रदेश के तीनों ओलंपिक संघों में से किसके जरिए फाइल को भारतीय ओलंपिक संघ के समक्ष लेकर जाएं।  फिर भी उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार की ओर से विधायक श्याम सिंह राणा के नेतृत्व में गठित तीसरे ओलंपिक संघ को ही प्रदेश सरकार मेजबानी का जिम्मा सौंपेगी, लेकिन सरकार का यह कदम आसान नहीं होगा।
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हरियाणा में चौटाला शासनकाल के दौरान अभय चौटाला के नेतृत्व में गठित ओलंपिक संघ को ही भारतीय ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त है। दिलचस्प बात है कि जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तो कांग्रेस ने भी पीवी राठी की अध्यक्षता में नया ओलंपिक संघ गठित कर दिया।

इन दोनों संघों के बीच जंग हाईकोर्ट पहुंच गई। इसी बीच भाजपा सरकार ने भी एक ओलंपिक संघ बना लिया। चूंकि अभय चौटाला के नेतृत्व वाले ओलंपिक संघ को ही आईओए की मान्यता प्राप्त है, इसलिए इतना तय है कि आईओए आगामी राष्ट्रीय खेलों के लिए प्रदेश के इसी ओलंपिक संघ को मेजबानी का मौका देगा, जो भाजपा सरकार को नागवार गुजरना तय है।
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