पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित
- फोटो : अमर उजाला
बनवारीलाल पुरोहित ने मंगलवार को पंजाब के 36वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि शंकर झा ने पंजाब राजभवन में बनवारीलाल पुरोहित को पद की शपथ दिलाई। बनवारीलाल पुरोहित ने अंग्रेजी में शपथ ली।
उन्होंने उस शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किया, जिस पर मुख्य न्यायाधीश द्वारा भी हस्ताक्षर किए गए थे। बाद में बनवारीलाल पुरोहित ने पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में अलग-अलग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किया। इससे पहले मनोनीत राज्यपाल एक औपचारिक अंदाज में पंजाब राजभवन के विशेष पंडाल में पहुंचे। उनके साथ पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी थे। इससे पहले पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन ने समारोह शुरू करने की अनुमति मांगी और बनवारीलाल पुरोहित की पंजाब के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को पढ़ा।
शपथ ग्रहण से पहले बनवारीलाल पुरोहित दोपहर 12 बजे पंजाब राज भवन पहुंचे। जहां पीएपी की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उनका स्वागत पंजाब विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह, पंजाब के कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा और मनप्रीत सिंह बादल ने किया। शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, उपायुक्त चंडीगढ़ और चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सोमवार को वीपी सिंह बदनौर ने छोड़ा पद
पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पांच साल का कार्यकाल पूरा होने पर सोमवार को अपना पद छोड़ दिया था। उन्हें विदाई देने के लिए पंजाब राजभवन में एक समारोह का आयोजन किया गया था। अपने विदाई भाषण में बदनौर ने कहा कि मैं अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की चर्चा नहीं करना चाहता, जो भी मैंने किया या जो मैं नहीं कर सका, उसका फैसला शहर की जनता करे। चूंकि विकास एक सतत मामला है, जो रुकता नहीं है और अधिक की गुंजाइश हमेशा रहती है। बता दें कि 22 अगस्त 2016 को पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में बदनौर की नियुक्ति हुई थी।