गौरतलब है कि श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देश पर एसजीपीसी ने राजोआना की फांसी की सजा माफ कर इसे उम्रकैद में बदलने के लिए 25 मार्च 2012 को एक दया याचिका राष्ट्रपति के पास दायर की गई थी। 12 साल बीत जाने के बावजूद आज तक कोई फैसला नहीं हुआ है।
जेल से श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को तीन बार लिखी चिट्ठी
बीते दिनों राजोआना ने जेल से श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को तीन बार चिट्ठी लिखकर मामले में हस्तक्षेप करते हुए एसजीपीसी की ओर से दायर याचिका को वापस लेने की अपील की थी। राजोआना ने पहली चिट्ठी सात नवंबर, दूसरी 14 नवंबर व तीसरी 28 नवंबर को लिखी थी। अपील वापस न होने की सूरत में पांच दिसंबर से जेल में भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने जेल में पहुंचकर राजोआना से मुलाकात की थी और हड़ताल पर न जाने की अपील की थी।
सोमवार को अकाली दल का शिष्टमंडल भी राजोआना से मुलाकात करने पटियाला जेल पहुंचा था। इस शिष्टमंडल में वरिष्ठ अकाली नेता विक्रम सिंह मजीठिया व विरसा सिंह वल्टोहा शामिल थे लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर अकाली नेताओं को जेल के मेन गेट पर रोक लिया था। इन्हें मुलाकात करने की अनुमति नहीं दी गई थी।