चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पांच साल का कार्यकाल पूरा होने पर सोमवार को अपना पद छोड़ दिया। उन्हें विदाई देने के लिए पंजाब राजभवन में एक समारोह का आयोजन किया गया। अपने विदाई भाषण में बदनौर ने कहा कि मैं अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की चर्चा नहीं करना चाहता, जो भी मैंने किया या जो मैं नहीं कर सका, उसका फैसला शहर की जनता करे। चूंकि विकास एक सतत मामला है, जो रुकता नहीं है और अधिक की गुंजाइश हमेशा रहती है। बता दें कि 22 अगस्त 2016 को पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में बदनौर की नियुक्ति हुई थी।
अपने भावुक विदाई भाषण में बदनौर ने कहा कि वह अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान पंजाब राजभवन, पंजाब सरकार और यूटी प्रशासन में अपने अधिकारियों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनके ऋणी रहेंगे। पांच वर्षों में पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों द्वारा दिए गए सहयोग और प्यार के लिए उन्होंने सबका धन्यवाद किया। कहा कि पांच वर्ष पहले जब शपथ ली थी, तो उस वक्त भारी बारिश हुई थी। कई मेहमान भीग गए थे। कई अतिथि बिना चाय पिए ही लौट गए थे, लेकिन बारिश होना एक अच्छा शगुन था। एक ऐसी बारिश से स्वागत हुआ, जिसकी अपेक्षा नहीं थी। पांच साल पहले चंडीगढ़ या पंजाब के लोगों को नहीं जानता था, लेकिन अब बहुत लोगों को जानता हूं। इनमें से कई अच्छे मित्र हैं।
कोरोना काल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब व चंडीगढ़ के लिए बीते दो साल काफी चुनौतीपूर्ण रहे। खुशी है कि महामारी का हमने डटकर सामना किया। यह एक टीमवर्क था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह का पंजाब व यूटी में सेवा का मौका देने के लिए धन्यवाद किया। कहा कि पंजाब जैसे सीमा से सटे राज्य में भेजना बड़ी जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व, श्री गुरु तेगबहादुर के 400वें प्रकाश पर्व और श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व पर वह पंजाब में थे, यह बड़े सौभाग्य की बात है।
इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बदनौर द्वारा भेंट की गई कॉफी टेबल बुक ‘द राजभवन पंजाब-ए-ग्लोरियस जर्नी’ भी जारी की। बदनौर ने इस किताब की एक प्रति कैप्टन को भेंट की। इस किताब में 1947 से अब तक के राज्यपालों के सभी महत्वपूर्ण कार्यों और अन्य विवरणों को शामिल किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री को ‘पंजाब राजभवन मिनी रॉक गार्डन-ए ट्रिब्यूट टू पद्मश्री नेकचंद’ नामक एक अन्य पुस्तक भी भेंट की गई।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख शख्सियतों में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्य सचिव विनी महाजन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, राज्यपाल के प्रमुख सचिव जेएम बालामुरुगन, यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, एमसी कमिश्नर चंडीगढ़ अनन्दिता मित्रा, डीजीपी चंडीगढ़ प्रवीण रंजन और डायरेक्टर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग पंजाब कमल किशोर यादव के अलावा पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के सेवारत वरिष्ठ और सेवानिवृत्त अधिकारी शामिल रहे। बदनौर और उनकी पत्नी अल्का सिंह को पंजाब राजभवन के अधिकारियों और स्टाफ ने औपचारिक विदाई दी।
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नए प्रशासक बनवारी लाल आज लेंगे शपथ
तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को पंजाब राज्यपाल व चंडीगढ़ प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वे मंगलवार दोपहर तक शहर पहुंच जाएंगे और शाम को पंजाब के राज्यपाल व यूटी प्रशासक के पद की शपथ लेंगे। अगले एक हफ्ते तक वह चंडीगढ़ में ही रहेंगे और पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक के तौर पर कार्य करेंगे।
इसके बाद वह तमिलनाडु चले जाएंगे और वहां से प्रशासन का कार्य संभालेंगे। हालांकि प्रशासन के अधिकारी भी असमंजस में हैं कि तमिलनाडु से चंडीगढ़ प्रशासन का कार्य कैसे चलेगा। चंडीगढ़ के प्रशासक होने के नाते, प्रशासन के लगभग हर बड़े प्रस्तावों और योजनाओं पर वे ही आखिरी फैसला लेते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि चंडीगढ़ के कार्य प्रभावित हो सकते हैं।